अब कुष्ठ रोगियों के बच्चों की परीक्षा फीस नहीं लगेगी

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भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) अब कुष्ठ रोगियों के बच्चों की परीक्षा फीस नहीं लेगा। ये निर्णय माशिमं की कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया है। इसके आदेश जल्द ही माशिमं जारी किए जाएंगे।

दरअसल माशिमं वर्तमान में सीएसपी, मंडल कर्मचारियों व अन्य को परीक्षा फीस में पूरी छूट देता है। कुष्ठ रोगियों की परेशानियों को देखते हुए ये नया फैसला लिया गया है। आगामी सत्र से यह सुविधा लागू कर दिया जाएगा। हालांकि कुष्ठ रोगियों की संख्या प्रति दस हजार आबादी में मात्र 0.69 फीसदी होती है।

सप्लीमेंट्री की मूल अंकसूची नहीं होगी प्रिंट 

माशिमं की परीक्षा में पूरक (सप्लीमेंट्री) लाने वाले परीक्षार्थियों की अंकसूची आगामी सत्र की परीक्षाओं से प्रिंट नहीं कराई जाएगी। पूरक परीक्षा देने के बाद आने वाले फाइनल रिजल्ट के बाद ही मूल अंकसूची प्रिंट कराकर दी जाएगी। माशिमं का मानना है कि सप्लीमेंट्री की मार्कशीट परीक्षार्थी के किसी काम नहीं आती। ऐसे में इसका ऑनलाइन रिजल्ट तो जारी किया जाएगा, लेकिन मूल अंकसूची छापकर संबंधित संस्था में नहीं भेजी जाएगी।

माशिमं में हर साल करीब 19 से 20 लाख परीक्षार्थी हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी की परीक्षा देते हैं। इनमें से अनुमान के मुताबिक करीब 3 लाख परीक्षार्थियों की सप्लीमेंट्री आती है। सप्लीमेंट्री मार्कशीट प्रिंट कराने में माशिमं को सलाना 50 लाख स्र्पए खर्च करने पड़ते हैं। इसके साथ ही कागज की बचत भी होगी।

त्रुटि सुधार के लिए ऑनलाइन होगा आवेदन 

अब तक माशिमं की परीक्षाओं की अंकसूची में गलती होने पर परीक्षार्थियों को मंडल के चक्कर काटने पड़ते थे। माशिमं में एक साल में करीब 40 से 50 हजार त्रुटि सुधार के लिए आवेदन आते है। जिन्हें भोपाल आकर चालान फार्म जमा करना होता था। अब त्रुटि सुधार के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

त्रुटि वाले दस्तावेजों को स्कैन कर आवेदन के साथ अटैच करना होगा। इसके बाद मंडल की समन्वय संस्था में जाकर 3 दिन में रिपोर्ट करनी होगी। 15 दिन बाद त्रुटि सुधार होकर मार्कशीट जिस जिले से आवेदन किया है वहां प्रिंट कर भेज दी जाएगी। इस निर्णय से मंडल के 50 से 60 हजार परीक्षार्थियों को भोपाल आने से निजात मिलेगी।

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