इंदौर में गुजरात के 130 किलो वजनी व्यक्ति की हुई बेरिएट्रिक सर्जरी

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इंदौर। अब एमवाय अस्पताल में दूसरे प्रदेशों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचने लगे है। अस्पताल में गंभीर मोटापे से परेशान व्यक्ति की बेरिएट्रिक सर्जरी की गई। गुजरात के रहने वाले 130 किलो के मरीज की सर्जरी हुई। मरीज की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।

शनिवार को एमवाय अस्पताल में गुजरात के खेड़ा जिले के 130 किलो वजनी सलीम खान की बेरिएट्रिक सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद मरीज को सर्जिकल आईसीयु में शिफ्ट किया गया है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर है लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक पूरी तरह से सामान्य जीवन होने में 6-8 महीने का वक्त लगेगा।

मरीज गुजरात में होटल चलाते है। वे कई सालों से मोटापे से परेशान थे। सलीम ने बताया कि मोटापे का सबसे ज्यादा असर पेट पर था। भारी और बढ़े हुए पेट के कारण उठने बैठने, नित्यकर्म करने , गाड़ी चलाने में काफी परेशानी आती थी।

पैर और टखने में असहनीय दर्द था। अपने आप में काफी भारीपन महसूस होता था। कई प्रायवेट अस्पतालों में भी मोटापा कम करने की सर्जरी के लिए गए तो ढ़ाई-तीन लाख रुपए के पैकेज बताए गए। इसीलिए प्रायवेट की बजाय सरकारी अस्पताल में सर्जरी करवाने का विचार किया।

एमवाय अस्पताल में सर्जरी के बारे में सुना था। डॉक्टरों ने कुछ जांचों के बाद ऑपरेशन के लिए सहमति दी। यहां ऑपरेशन के सामान का खर्चा लगा। सर्जरी डॉ.अरविंद घनघोरिया की टीम ने की। इसके पहले यहां एक महिला की भी बेरिएट्रिक सर्जरी हो चुकी है। उसका वजन तकरीबन सौ किलो था।

हफ्तेभर तक छ: मंजिल चढ़े-उतरे

सलीम ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें ऑपरेशन के पहले काफी तैयार किया। डेढ़ महीने पहले एमवायएच में उपचार शुरू किया। सर्जरी के हफ्तेभर पहले अस्पताल में भर्ती किया। डॉक्टर दिन में दो-तीन बार छह मंजिल सीढ़ी से चढ़ाते उतारते थे। अस्पताल का पैदल चक्कर लगाते थे।

निजी अस्पताल में ढ़ाई लाख खर्च

शहर में अब तक ज्यादा प्रायवेट अस्पताल में भी बेरिएट्रिक सर्जरी शुरू नहीं हुई है। एक-दो सेंटरों पर सर्जरी होती है उनमें इसका खर्च दो से ढ़ाई लाख रुपए आता है। केस के हिसाब से पैकेज में बदलाव होते है। परिजन के मुताबिक एमवाय अस्पताल में 70 हजार रुपए खर्च आया। यह वह खर्च है जो ऑपरेशन की सामग्री खरीदने के लिए आया।

इन लोगों को पड़ती है सर्जरी की जरूरत

– सामान्य से ज्यादा वजन वाले लोगों को

– पुरुषों में सामान्य तौर पर पेट और छाती, महिलाओं में जांघ, कमर और पेट में चर्बी जमा होती है

– जब व्यक्ति को सामान्य कामकाज में परेशानी महसूस होने लगे, मोटापे के कारण बीपी, शुगर जैसे रोग घेरने लगे

– इस सर्जरी के लिए कोई पैमाना नहीं है मरीज के लिए जब बढ़ता वजन परेशानी बन जाए और सभी इलाज करने के बावजूद वजन कम नहीं हो पा रहा है तब यह सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है

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