उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर, बिजली गिरने से 12 की मौत

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश से नदियां फिर उफना रही हैं। लखीमपुर में पांच घर शारदा नदी में समा गए। बहराइच में कटान के चलते पलायन जारी। वहीं विभिन्न जिलों में चमकती सूरज की किरणें झुलसा रही हैं। उमस से हाल बेहाल है। लखनऊ समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश के साथ ही बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आकर 12 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग झुलस गए।

अंबेडकरनगर, बाराबंकी, फैजाबाद, सुलतानपुर, श्रावस्ती में रुक-रुककर बारिश होती रही। रात में देवा क्षेत्र में कच्चे मकान की दीवार भरभरा कर ढह गई जिसमें दबकर मासूम की मौत हो गई जबकि महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गई। गोंडा में तेज धूप के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। लखीमपुर, सीतापुर में लोग गरमी से परेशान रहे। तहसील पलिया क्षेत्र के बुनहा गांव के पांच घर शारदा नदी में समा गए। पूरा गांव टापू में तब्दील हो चुका है। बाराबंकी में घाघरा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।

आकाशीय बिजली गिरने से दस लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग झुलसे भी हैं। वज्रपात से मीरजापुर में सर्वाधिक चार, भदोही व वाराणसी में दो-दो जबकि चंदौली और जौनपुर में एक-एक लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। प्रतापगढ़ में वज्रपात से एक युवक की मौत हो गई। कौशांबी में सुबह से शाम तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज धूप व उमस से लोग बेहाल रहे।

राजस्थान में भी आफत की बारिश : राजस्थान में गुरूवार से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज बारिश हुई। बारिश से पिछले 24 घंटों में हुए अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की मौत हो गई। तेज बारिश के कारण बांसवाड़ा में 3 स्थानों पर सीआरपीएफ की टीम और दो स्थानों पर सेना के जवानों को तैनात किया गया है।

आपात स्थिति से निपटने के लिए हेलिकॉप्टर का भी प्रबंधन किया गया है। इधर बाड़मेर और जैसलमेर में गुरूवार रात से हो रही तेज बारिश के चलते बाढ़ के हालात पैदा हो गए है। बाड़मेर के विशाला गांव में गुरूवार देर रात एक बरसाती नाले में चार वाहन बह गए, इनमें 40 लोग सवार थे। इनमें से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 37 लोगों को बचा लिया गया।

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