एनएच को एसएच बनाने के प्रस्ताव केंद्र करेगा मंजूर

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नई दिल्ली। राजमार्गों के निकट शराबबंदी के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बचने के लिए कई राज्यों ने राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) को राज्य राजमार्गों (एसएच) में तब्दील करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। ताकि बाद में उन्हें जिला मार्गों में बदला जा सके। लेकिन किसी भी राज्य का कोई भी प्रस्ताव औपचारिक तौर पर केंद्र के पास अभी नहीं पहुंचा है। हालांकि केंद्र की ओर से इस बात के संकेत दिए गए हैं कि प्रस्ताव मिलने पर उनका तत्काल अनुमोदन होगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह कानूनी व राजनीतिक मामला है। इस पर केंद्र व राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व को फैसला लेना है। राज्यों की ओर से प्रस्ताव आते हैं तो उन्हें स्वीकार करने में हमें कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन राज्यों को देखना होगा कि क्या वे उन सड़कों का रखरखाव कर पाएंगे। अनुभव बताता है कि यह आसान नहीं है। यदि शराब से प्राप्त राजस्व सड़कों पर खर्च से अधिक हो तो ही यह संभव होगा। अभी तक हमें कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। इस संबंध में चर्चाएं तथ्यात्मक कम और काल्पनिक अधिक हैं।”

क्या केंद्र की ओर से कानूनी विकल्पों पर विचार हो रहा है? अधिकारी का कहना था कि शराब की बिक्री हमारा विषय नहीं है। हमारे लिए तो सड़क सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इसलिए जो करना है, राज्यों को ही करना है।

पिछले महीनों में राजमार्गों की गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र राज्यमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों मे तब्दील करने की नीति पर चलता रहा है। एक बड़ा लक्ष्य भी रखा गया। जाहिर है कि अब राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्यमार्गों में तब्दील करना पहिया पीछे घुमाने जैसा होगा। लेकिन इस मामले में केंद्र नरम रुख रखना चाहता है।

पंजाब व राजस्थान समेत आधा दर्जन व राज्य राष्ट्रीय राजमार्गों के कुछ हिस्सों को राज्य राजमार्गों में तब्दील करना चाहते हैं। पंजाब ने सात एसएच तथा पांच एनएच हिस्सों को जिला मार्गों में तब्दील करने की इच्छा जताई है। इनकी कुल लंबाई 30 किलोमीटर है। इससे तकरीबन 1500 शराब की दुकाने बंद होने से बच जाएंगी। जबकि राजस्थान ने 16 शहरों से गुजरने वाले 21 एसएच के 190 किलोमीटर हिस्सों को जिला मार्गों में बदलने की अधिसूचना जारी कर 2800 शराब की दुकानों को बंद होने से बचाने का प्रस्ताव दिया है। महाराष्ट्र भी इसकी संभावनाएं टटोल रहा है। चंडीगढ़ ने इस पर विचार के लिए चार सदस्यीय समीक्षा समिति बनाई है। उत्तर प्रदेश में जहां 8500 ऐसी दुकाने हैं, 5334 दुकानों के हाईवे से दूर शिफ्ट होने से ऐसे किसी निर्णय की आवश्यकता नहीं पड़ी। गोवा भी जल्दी में नहीं है। हरियाणा के ज्यादातर शहरों के बीच से एनएच गुजरते हैं। लिहाजा परिवर्तन से भी कोई फायदा नहीं होगा। पश्चिम बंगाल सरकार ने जनवरी में ही 21 किलोमीटर एसएच को जिला रोड में बदल लिया था। अब वह कानूनी विकल्प तलाश रहा है।

राज्यों से गुजरने वाले एनएच के रखरखाव के लिए केंद्र सरकार राज्यों को फंड उपलब्ध कराती है। चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्र ने इस मद में 2970 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

शराब पीकर गाड़ी चलाने से सड़क हादसे :

सड़क मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2015 में हुई कुल 5,01,423 सड़क दुर्घटनाओं में से 3,86,463 अर्थात 77.1 फीसद दुर्घटनाएं ड्राइवर की गलती से हुईं। इनमें से 16,298 अर्थात 4.2 फीसद दुर्घटनाएं शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुईं। 2015 में सड़क दुर्घटनाओं में कुल 1,46,133 लोग मारे गए। इनमें से 6,755 अर्थात 4.6 फीसद मौतें शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुईं।

राज्यवार राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) :-

नई सड़कें बनने तथा कई राज्य राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिए जाने के परिणामस्वरूप पिछले तीन सालों में देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई एक लाख किमी से बढ़कर 1,13,298 किलोमीटर हो गई है। तीन साल पहले राष्ट्रीय राजमार्गों की राज्यवार लंबाई इस प्रकार थी (किमी में) :

आंध्र प्रदेश-5231.74

अरुणाचल प्रदेश-2513.05

असम-3811.67

बिहार-4678.79

चंडीगढ़-15.28

छत्तीसगढ़-3078.40

दिल्ली-80.00

गोवा-262.00

गुजरात-4970.90

हरियाणा-2622.48

हिमाचल प्रदेश-2622.48

जम्मू-कश्मीर-2593.00

झारखंड-2653.64

कर्नाटक-6502.29

केरल-1811.62

मध्य प्रदेश-5193.57

महाराष्ट्र-7434.79

मणिपुर-1745.74

मेघालय-1204.36

मिजोरम-1381.00

नगालैंड-1150.09

ओडिशा-4644.52

पुद्दुचेरी-64.03

पंजाब-2769.15

राजस्थान-7906.20

सिमि-309.00

तमिलनाडु-5006.14

त्रिपुरा-577.00

तेलंगाना-2635..84

उत्तराखंड-2841.92

उत्तर प्रदेश-8483.00

पश्चिम बंगाल-2909.80

अंडमान व निकोबार-330.70

दादर नगर हवेली-31.00

दमन व दीव-22.00

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राज्य राजमार्ग (एसएच) :-

कुल-1,31,899 किलोमीटर

मुख्य जिला मार्ग-4,67,763

ग्रामीण तथा अन्य मार्ग-26,50,000

एक्सप्रेसवे समेत कुल सड़कें 33 लाख किलोमीटर से अधिक हैं।

सरकार को विभिन्न राज्यों की ओर से अब तक लगभग 90 हजार किलोमीटर एसएच को एनएच में तब्दील करने के प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनमें उत्तर प्रदेश से 979 किमी एसएच को एनएच में तब्दील करने का प्रस्ताव शामिल है। सड़क मंत्रालय वर्ष 2016 तक 3080 किमी एसएच को एनएच में बदल चुका था। इनका ब्योरा इस प्रकार है :-

आंध्र प्रदेश-676 किमी

असम-9 किमी

बिहार-160 किमी

हरियाणा-395 किमी

हिमाचल प्रदेश-176 किमी

जम्मू एवं कश्मीर-8 किमी

कर्नाटक-70 किमी

मध्य प्रदेश-9 किमी

महाराष्ट्र-387 किमी

ओडिशा-193 किमी

पंजाब-530 किमी

राजस्थान-20 किमी

सिक्किम-154 किमी

त्रिपुरा-228 किमी

तेलंगाना-119 किमी

पश्चिम बंगाल-46 किमी

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