ओडिशा में नहीं मिला फर्जी आईएएस के फरार सहयोगी का सुराग

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रायपुर। राजधानी के किचन सामान सप्लायर तुषारकांत मोहंती समेत चार कारोबारियों से लाखों की ठगी मामले में जेल भेजे गए फर्जी आईएएस सुदीप्तो चटर्जी के फरार सहयोगी शेख इब्राहिम की तलाश में ओडिशा गई पुलिस टीम को निराशा हाथ लगी है। वहां पुलिस के पहुंचने से पहले ही शातिर जालसाज भाग निकला। इससे पहले उसे कोलकाता में भी घेरने की कोशिश की गई थी, लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिली।

शेख इब्राहिम पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। मूलत: ओडिशा के बालासोर के अजीमाबाद के रहने वाले इब्राहिम को दबोचने रायपुर पुलिस अब स्थानीय पुलिस के साथ ही मुखबिर की मदद लेगी।

सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक टैगोरनगर निवासी तुषारकांत मोहंती को एक करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर हावड़ा निवासी फर्जी आईएएस सुदीप्तो चटर्जी ने 22 लाख 30 हजार रुपए की ठगी की है।

इसके अलावा नागपुर के बोधीरत्ना फूलझीले, शिवसागर गुवाहाटी (असम) के रूपम विष्णु टाटी, औरंगाबाद के अतुल जी पालोदकर समेत 10 से 12 कारोबारियों से भी लाखों रुपए ऐंठे हैं। ठगी की सभी वारदातों में उसका साथ शेख इब्राहिम ने दिया है और ज्यादातर पैसे उसी ने रखे हैं।

लगातार ठिकाने बदलने के कारण पुलिस टीम शेख इब्राहिम को घेरने में अब तक असफल रही है। कोलकाता से गिरफ्तार कर लाए गए सुदीप्तो ने पूछताछ में यह खुलासा किया था कि उसके खास मददगार इब्राहिम ने ठगी के करोड़ों रुपए रियल इस्टेट और शेयर मार्केट में इन्वेस्ट किया है।

जांच के दौरान नागपुर की गिट्टी खदान बैंक शाखा के खाते में 22.65 लाख रुपए जमा मिले थे, इस खाते को पुलिस ने सीज करा दिया है। अब शेख की गिरफ्तारी होने पर ही यह साफ हो पाएगा कि ठगी के करोड़ों की रकम कहां-कहां उसने इन्वेस्ट किए हैं

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