और सहज होगा आयकर रिटर्न का नया सहज फार्म

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नई दिल्ली। वेतनभागी करदाताओं के लिए आयकर विभाग रिटर्न भरने का फार्म और सरल बनाने जा रहा है। एक अप्रैल से पहले आने वाले नये फार्म में कुछ कॉलम हटा दिया गये हैं।

नये फार्म के साथ ही करदाता मौजूदा वित्त वर्ष 2016-17 का आयकर रिटर्न एक अप्रैल के बाद ई-फाइलिंग के जरिये भर सकेंगे।

वेतन और ब्याज आय प्राप्त करने वाले करदाताओं को कुछ कम कॉलमों में जानकारी देनी होगी। सहज नाम के आइटीआर-1 फार्म में आय कटौती का दावा करने के लिए दिये गये कुछ कॉलमों को मिला दिया गया है।

इस वजह से कुल कॉलमों की संख्या कम होगी। मौजूदा वित्त वर्ष यानी अगले आंकलन वर्ष 2017-18 के लिए फार्म में चैप्टर 6ए के सेक्शनों में डिडक्शन क्लेम करने वाले कॉलम हटा दिये गये हैं। सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले एक कॉलम को शामिल किया गया है।

आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सेक्शन 80 सी और मेडीक्लेम के सेक्शन 80डी के तहत डिडक्शन क्लेम करने के लिए कॉलम रखे गये हैं।

इस समय आइटीआर-1 फार्म में सेक्शन 80 के तहत डिडक्शन के लिए 18 कॉलम हैं। सेक्शन 80 सी में करदाता एलआइसी, पीपीएफ और हाउसिंग लोन के पुनर्भगतान के जरिये 1.5 लाख रुपये तक के डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। सेक्शन 80 डी में लोग मेडीक्लेम के प्रीमियम के लिए दावा कर सकते हैं।

यह क्लेम सेक्शन 80 सी की 1.5 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त है। अधिकारी के अनुसार नया फार्म इस महीने के अंत तक अधिसूचित कर दिया जाएगा। विभाग एक अप्रैल के बाद करदाताओं को आयकर रिटर्न भरने की सुविधा देना चाहता है।

आइडीएस में टैक्स न चुकाने वालों को कोई राहत नहीं

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आय घोषणा स्कीम (आइडीएस) के तहत काले धन की घोषणा करके टैक्स और ब्याज की पहली किस्त चुकाने में विफल रहे लोगों को कोई राहत देने से इन्कार कर दिया है।

सीबीडीटी ने कहा है कि आइडीएस के तहत पहली किस्त चुकाने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2016 तक भुगतान करने में विफल रहे लोगों को कोई राहत दी जाती है तो यह समय पर टैक्स व ब्याज का भुगतान करने वाले दूसरे लोगों के साथ अन्याय होगा।

देय तिथि तक अधूरा भुगतान करने वाले, देरी से भुगतान करने वाले और अभी तक भुगतान न करने वाले लोगों ने देय तिथि में राहत देने की मांग की थी। सीबीडीटी ने ताजा आदेश में इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है

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