कामकाजी महिलाओं को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा

0
117

1. जो महिलाएं बहुत अधिक स्ट्रेस और प्रेशर में जॉब करती हैं उन्हें बेहतर माहौल में काम करने वाली महिलाओं की तुलना में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और बाईपास सर्जरी का खतरा ज्यादा रहता है।

2. एक इंटरनैशनल स्टडी में इसका खुलासा हुआ है। 10 साल तक 17 हजार महिलाओं पर की गई इस स्टडी में यह बात सामने आई है कि बहुत अधिक स्ट्रेस के माहौल में काम करने वाली महिलाओं को दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा 40 प्रतिशत तक ज्यादा होता है।

3. कम मेहनत वाले और ज्यादा अधिकार के साथ काम करने वाली महिलाओं की तुलना में नौकरी में काम करने के तरीके चुनने की आज़ादी के बिना ज़्यादा मेहनत वाला काम करने वाली महिलाओं में दिल के दौरा पड़ने की संभावना करीब दोगुनी होती है।

4. इस बारे में आईएमए के प्रेसिडेंट और हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ के के अग्रवाल का कहना है कि फाइट हार्मोन के रिसाव से होने वाला स्ट्रेस नुकसानदायक हो सकता है, जिससे शरीर में सूजन और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि कामकाजी स्ट्रेस से कोरोनरी आर्टरी में सूजन शुरू हो सकती है, जिससे ब्लड के थक्के जम सकते हैं जो दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकता है।

5. डॉ आर एन टंडन का कहना है कि बहुत अधिक स्ट्रेस वाली नौकरी कर रही महिलाओं को अपनी जीवनशैली पर ध्यान देना चाहिए। ज्यादा स्ट्रेस उसे कहा जाता है जब काम में जिम्मेदारी या मेहनत बहुत ज़्यादा हो लेकिन कंट्रोल की आजादी बहुत कम मिले। कम संसाधनों के साथ नौकरी करते हुए बच्चों, उम्रदराज़ पैरेंट्स या रिश्तेदारों की देखभाल करना और घर चलाने की जिम्मेदारी होना, इसके कई उदाहरण हो सकते हैं। यह हालात महिलाओं पर हावी ना हो जाएं, इससे बचना बेहद जरूरी है।

6. इन बातों पर करें गौर
– काम के बाद निजी जीवन में कामकाज की दखलअंदाजी जैसे- काम से जुड़े ईमेल से बचें।

– स्ट्रेस कम करने के लिए ध्यान और योग का अभ्यास करें।

– ऑफिस का कम से कम काम घर लाएं।

– नियमित एक्सरसाइज करें, यह दिल के रोगों और स्ट्रोक्स के खतरे को कम करता है।

LEAVE A REPLY