किंगफिशर उड़ाने के लिए बैंक लोन को माल्या ने शैल कंपनियों में उड़ाया

0
72

नई दिल्ली। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय शराब कारोबारी विजय माल्या के ब्रिटेन से प्रत्यर्पण के मामले में हर मुमकिन कोशिश कर रही है। इसके लिए जांच एजेंसियां सबूत जुटाने में जुटी हुई हैं। इसी कड़ी में सीबीआई और ईडी ने आरोप लगाया है कि भगौड़े विजय माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए निर्धारित 6,027 करोड़ रुपये के कर्ज का एक बड़ा हिस्सा शेल कंपनियों या फर्जी कंपनियों को ट्रांसफर किया था।

माल्या, जो कि पहले किंगफिशर एयरलाइंस के प्रमुख थे, पर आईडीबीआई और अन्य इंडियन बैंक का 9,000 करोड़ रुपए का बकाया है। उन पर आरोप है कि वो लोन डिफॉल्ट के संबंध में कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए भारत से भाग गए थे। विजय माल्या पर आरोप है कि उन्होंने एसबीआई के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के कंसोर्टियम से जो पैसा उधार लिया था, उसे सात देशों में शेल कंपनियों के जरिए ट्रांसफर किया। इन देशों में अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, आयरलैंड शामिल हैं।

जानिए विजय माल्या का लोन फ्रॉड मामला

– विजय माल्या पर 17 बैंकों का 9000 करोड़ रुपए का बकाया है।

– स्टेट बैंक ने वर्ष 2015 में माल्या को विलफुल डिफॉल्टर करार दिया था। इसके बाद कई और बैंक भी ऐसा कर चुके हैं।

– विजय माल्या के साथ उनकी होल्डिंग कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स और किंगफिशर एयरलाइन्स को भी विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया गया है।

– माल्या की किंगफिशर एयरलाइन्स अक्टूबर 2012 से बंद पड़ी है। इस कंपनी का घाटा साल-दर-साल बढ़ता रहा। माल्या एयरलाइंस के नाम पर बैंकों से लगातार कर्ज लेते रहे।

– माल्या पर बकाया कर्ज 9000 करोड़ रुपए तक हो गया। उनके ट्रेडमार्क सीज किए गए। लेकिन पूरी रिकवरी नहीं हो पाई।

– फरवरी में बैंकों ने पहले कर्ज रिकवरी ट्रिब्यूनल और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

– फरवरी में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को सरकार के ही वकीलों ने बताया कि माल्या 2 मार्च को देश छोड़कर जा चुके हैं।

– माल्या के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है।

LEAVE A REPLY