गे मैरिज को अनुमति देने वाला यह हो सकता है एशिया का पहला देश

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ताईपे। पुरुष की पुरुष से और महिला की महिला से शादी की अनुमति देने वाला ताईवान एशिया का पहला देश हो सकता है। वहां की कोर्ट में लंबे समय से यह मामला चला रहा है और बुधवार को अंतिम फैसला आना है। ऐसे संबंधों की वकालत करने वालों को पूरा भरोसा है कि निर्णय उनके ही पक्ष में आएगा।

देश में एक धड़ा ऐसा भी है जो इसके खिलाफ है। बीते दिनों से दोनों पक्षों की ओर से रैलियां निकाली जा रही थीं।

फैसले से पहले बड़ी संख्या में दोनों पक्षों के लोग राजधानी ताईपे में जुटने लगे हैं। 14 जजों की पीठ तय करेगी कि समलैंगिक संबंध मौजूदा कानून के अनुसार संवैधानिक है या नहीं।

याचिकाकर्ताओं में देश के सबसे बड़े गे राइट्स कैंपेनर 59 वर्षीय चि चिआ-वेई भी शामिल हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कोर्ट से गुजारिश की है कि गे कपल को अगले साल से शादी के लिए रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी जाए। वे नहीं चाहते कि अब गेंद सरकार के पाले में जाए।

दुनिया का पहला देश था नीदरलैंड्स

दुनिया में समलैंगिक संबंधों को मान्यता देना वाला नीदरलैंड्स पहला देश था। मौजूदा स्थिति में अर्जेंटीना, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, कोलंबिया, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, आइसलैंड, आयरलैंड, लक्समबर्ग, मैक्सिको, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य और उरुग्वे में लोग गे मैरिज कर सकते हैं।

एशिया में अब तक किसी देश ने ऐसे संबंधों को मान्यता नहीं दी है। सिर्फ इजराइल ही ऐसा है जो विदेशों में हुई अपने नागरिकों की गे मैरिज को अनुमति दे रहा है।

 

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