गोवा में बनेगी भाजपा सरकार,मणिपुर का पेंच उलझा

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गोवा में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बावजूद बीजेपी सूबे में सरकार बनाने जा रही है. इसी क्रम में रविवार शाम मोदी सरकार में रक्षा मंत्री रहे मनोहर पर्रिकर राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया. बीजेपी ने राज्यपाल को 21 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है. पर्रिकर ने सभी दलों को समर्थन देने के लिए धन्यवाद कहा. वहीं गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने को न्योता दिया और शपथ ग्रहण के 15 दिनों के अंदर बहुमत साबित करने को कहा.

आपको बता दें कि एमजीएम, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अलावा तीन निर्दलीय विधायक मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाए जाने की शर्त पर बीजेपी को समर्थन देने को राजी हो गए थे. उम्मीद की जा रही है कि गोवा की सत्ता संभालने की खातिर मनोहर पर्रिकर रक्षा मंत्री के पद से जल्द ही इस्तीफा देंगे.

40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में बीजेपी ने 22 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. एनसीपी के चर्चिल आलमाओ ने एमजीपी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) और दो निर्दलीय के साथ अपना समर्थन बीजेपी को सौंप दिया है. एमजीएम और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के तीन-तीन विधायक हैं, जबकि बीजेपी के 13 विधायक हैं. इस लिहाज से बीजेपी बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर रही है. इसके अलावा बीजेपी को और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन मिल सकता है.

मणिपुर में बहुमत को लेकर भाजपा कांग्रेस का दावा

मणिपुर में सरकार बनाने के लिए बीजेपी और कांग्रेस जोड़-तोड़ में लगी है. रविवार को बीजेपी के नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर बहुमत का दावा किया. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री इबोबी सिंह ने कहानी को नया ट्विस्ट दे दिया. इबोबी सिंह ने कांग्रेस के पास बहुमत का दावा किया.

‘कांग्रेस के साथ एनपीपी’

इबोबी सिंह ने नेशनल पीपुल्स पार्टी के समर्थन का दावा किया. उन्होंने एनपीपी के समर्थन वाला पत्र भी जारी किया. ये पत्र नेशनल पीपुल्स पार्टी के महासचिव विवेकराज के नाम से राज्यपाल को लिखा गया है. 12 मार्च तारीख वाले इस पत्र में लिखा है- हमारी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में चार सीटें जीती हैं और राज्य में नई सरकार बनाने के लिए हम अपना समर्थन कांग्रेस पार्टी को देते हैं जो कि सबसे बड़ी पार्टी बनी है.

 किसी को नहीं मिला बहुमत

दरअसल मणिपुर में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. मणिपुर में विधानसभा की 60 सीटें हैं. कांग्रेस 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है. जबकि बीजेपी को 21 सीटें मिली हैं. ऐसे में कोई भी पार्टी बहुमत यानी 31 सीटों का जादुई आंकड़ा नहीं छू पाई है. वहीं नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) को 4-4 सीटें मिली हैं. इनके अलावा एलजेपी, तृणमूल कांग्रेस और निर्दलीय के खाते में भी एक-एक सीट गई है. सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को 3 विधायकों की जरूरत है. कांग्रेस का दावा है कि नेशनल पीपुल्स पार्टी के 4 विधायकों के समर्थन से विधानसभा में उसके पास 32 विधायकों की ताकत है.

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