जिसने स्ट्रगल नहीं देखा वह दर्द कैसे दिखा पाएगा

0
59

लाइफ में कोई भी परफेक्ट नहीं है। हरेक में कुछ न कुछ अच्छाई और बुराई दोनों ही हैं। हम जब भी किसी से मिलें उसकी अच्छाई को ले लें। मैं यही करती हूं। यही आदत एक कलाकार को तराशती है। ऑन स्क्रीन जितने भी एक्सप्रेशन हम दिखाते हैं वह पढ़े हुए नहीं बल्कि अपने जीवन के ही होते हैं। जीवन में आने वाले तमाम उतार-चढ़ाव ही अभिनय में एक्स्प्रेशन को बेहतर ढंग से देने में मदद करते हैं। इसलिए जिसने स्ट्रगल नहीं देखा वह दर्द कैसे दिखा पाएगा। यह कहना है टेलीविजन और फिल्म अदाकारा रिधिमा तिवारी का।

लाइफ ओके चैनल पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक गुलाम में मालदा वाली और फिल्म बेगमजान में अम्बा का किरदार निभाने वाली रिधिमा तिवारी सोमवार को शहर में थी। इस दौरान उन्होंने अपने सफर, अनुभव और जीवन के रंग साझा करते हुए कहा कि कामयाबी की एक अहम वजह आत्मविश्वास है।

जहां तक सवाल उत्साह से भरे रहने का है तो इसकी वहज है कि मैं वही कार्य करती हूं जो मुझे पसंद है। काम को यदि सिर्फ काम समझकर करेंगे तो वह बोझिल हो ही जाएगा। यदि यही कार्य पैशन बन जाए तो उत्साह कम और थकान ज्यादा नहीं होती। ऊर्जा तो हमारे मन का ही भाव है जो भीतर से ही आती है।

पुराने हो जाएं फिर भी देना ही होगा टेस्ट

युवाओं को कामयाबी के गुर बताते हुए वे कहती हैं कि हमें वक्त के साथ जीना सीखना चाहिए। जितना अंदर आप अपने आप से मिलोगे उतना ही सीख पाओगे, निखर सकोगे। अभिनय के लिए तजुर्बा जरूरी है जो किताबें पढ़कर नहीं आ सकता। इस इंडस्ट्री में आप भले ही कितने भी पुराने हो जाएं फिर भी हर बार आपको टेस्ट देना ही पड़ेगा। यदि आपमें परेशानियों का सामना करने की क्षमता है तो ही आप इस क्षेत्र में आएं।

 

LEAVE A REPLY