ट्रेडमार्क बनी मदर टेरेसा की साड़ी की नीली-सफेद पट्टी

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कोलकाता
नीली और सफेद रंग की पट्टियों वाली साड़ी देख आपकी आंखों के सामने भी मदर टेरेसा की तस्वीर उभरती होगी। सफेद साड़ी पर नीली-सफेद पट्टियों को पूरा विश्व मदर टेरेसा से जोड़कर देखता है, लेकिन अब अगर आप अपने कपड़ों पर ऐसी पट्टियां चाहते हैं, तो बेहद मुश्किल है। इसके लिए चैरिटी मिशनरी से इजाजत लेनी होगी। अब स्टेशनरी आइटमों में भी इन पट्टियों के इस्तेमाल के लिए इजाजत लेनी होगी।

मदर की साड़ियों पर दिखने वाली नीली-सफेद पट्टियों वाला पैटर्न रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क बन गया है। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ट्रेडमार्क्स रजिस्ट्री में इसे जगह दी गई है। अब बगैर इजाजत इस पैटर्न का इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

स्टेशनरी आइटमों और टेक्स्टाइल्स पर इस पैटर्न के इस्तेमाल की इजाजत के लिए 12 दिसंबर, 2013 को एक अर्जी दाखिल की गई थी। सामाजिक व परोपकारी सेवाओं के तहत इस पैटर्न को 30 नवंबर, 2015 को ट्रेडमार्क बनाया गया, जबकि स्टेशनरी व टेक्सटाइल्स के लिए 4 सितंबर, 2016 को।

ट्रेडमार्क संस्था से जुड़ी एक लॉ कंपनी के बिश्वजीत सरकार ने कहा, ‘हालांकि इन पैटर्न्स को 10 महीने पहले ही ट्रेडमार्क बनाया गया, मिशनरियां इस बात को हाइलाइट नहीं करना चाहती थीं क्योंकि वे लोगों को सजा दिलवाने के पक्ष में नहीं हैं।’ लेकिन इसपर सोचने की अब जरूरत महसूस हुई क्योंकि ऐसे कई मामले सामने आए, जहां लोग इस पैटर्न का इस्तेमाल कर पैसे कमाते मिले। बिश्वजीत के मुताबिक, हाल में मिशनरीज को मदर की साड़ी के पैटर्न इस्तेमाल करने की घटनाओं के बारे में पता चला, तब लोगों को ट्रेडमार्क के बारे में जागरूक किए जाने का फैसला लिया गया।

सरकार ने बताया, ‘एक शक्स ने इस ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल कर मुंबई के एक डोनर से मोटा पैसा कमाया।

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