दशहरा मैदान में डोल रहा था पंडाल, धंस रहा था मंच

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इंदौर,। दशहरा मैदान में प्रदेश सरकार के ‘प्रणाम इंदौर’ कार्यक्रम के दौरान ऐसा लगा मानो मौसम कार्यक्रम शुरू होने का ही इंतजार कर रहा था। जैसे ही अतिथि मंच पर पहुंचे, तूफानी बारिश शुरू हो गई। ज्यों-ज्यों इसका वेग बढ़ा, त्यों-त्यों पंडाल डोलने लगा। थोड़ी देर में मंच भी जमीन में धंसने लगा और एकाएक डोम के एंगल एक के बाद एक गिरने लगे।

इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर अंधेरा छा गया। मैदान में पारी भर चुका था। लोग एक-दूसरे का हाथ थामे सुरक्षित जगह तलाश रहे थे। जिन लोगों ने पेड़ों के नीचे शरण ली थी, उन्हें बिजली की गड़गड़ाहट डरा रही थी। कुछ लोग खुली जगह में चले गए तो कुछ लोग रेलिंग कूदकर मैदान के बाहर निकल गए। मैदान में लगे कई द्वार, होर्डिंग, बिजली के तार और पेड़ गिरे हुए थे। कुछ जगह पेड़ गिरने से कार्यक्रम में शामिल होने आए लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

अतिथियों को इसलिए नहीं लगी चोट

डोम पिछले हिस्से से गिरना शुरू हुआ और मंच सीमा तक एंगल और बांस गिरे लेकिन मंच का ठीक ऊपरी हिस्सा नहीं गिरा। इसके अलावा मंच के पीछे की ओर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगी हुई थी। वह भी हादसे के दौरान नहीं गिरी वरना मंच पर बैठे अतिथियों को भी नुकसान पहुंच सकता था। मौका देखकर एकएक करके सभी अतिथि मंच से उतरे और पंडाल से बाहर आ गए।

पूर्वानुमान लगाना मुश्किल

मौसम केंद्र के अनुसार प्री-मानसून एक्टिविटी का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल होता है। प्रदेश में वातावरण में लगातार उमस और नमी बनी हुई है। इंदौर में भी स्थानीय सिस्टम बना और उमस के

कारण शाम को तेज बारिश हुई और हवा चली।

‘प्रणाम इंदौर’ कार्यक्रम को लेकर एक माह से तैयारियां चल रही थीं। पहले जगह को लेकर असमंजस

रहा। पार्टी के वरिष्ठ नेता दशहरा मैदान के बजाय किसी और स्थान पर आयोजन कराने के विकल्प पर विचार कर रहे थे, लेकिन महापौर खेमा चार नंबर विधानसभा क्षेत्र में ही कहीं आयोजन करवाने के पक्ष में था। दस दिन पहले जगह तय होते ही आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गईं। मैदान में कार्यक्रम के साथ ही छह हजार सफाईकर्मियों और लोगों का खाना भी रखा गया था।

… और गिर पड़ा डोम

तेज आंधी से पंडाल हिलता देख लोग सुरक्षित जगह तलाशने लगे। उस वक्त मंच से भाषण दे रहीं महापौर मालिनी गौड़ ने कहा घबराएं नहीं कुछ नहीं होगा। आयुक्त नगरीय विकास विवेक अग्रवाल ने भी यही शब्द दोहराए। इसी दौरान डोम गिर पड़ा।

प्राकृतिक आपदा से हुआ हादसा

आयोजन के दौरान प्राकृतिक आपदा से हादसा हुआ है। हमने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही लोगों की मदद की। मौसम बदलते ही हमने जल्द से जल्द कार्यक्रम आगे बढ़ाने की कोशिश की थी। मौसम पर भी लगातार नजर रखी जा रही थी, लेकिन मौसम खराब होने का भी कोई अलर्ट मौसम विभाग की और से जारी नहीं किया गया था। जहां तक आयोजन स्थल कवर्ड कैंपस में करवाने की बात है तो शहर में इतना बड़ा कोई कैंपस नहीं है जहां 20 हजार लोगों का आयोजन किया जा सके। – मालिनी गौड़, महापौर

पार्षद को बड़ी मुश्किल से मिली मदद

एंगल गिरने से पार्षद लक्ष्मी हेमंत घायल हो गईं। उनके सिर पर चोट लगी और खून बहने लगा। तेज बारिश के बीच वे काफी देर तक एक कुर्सी पर एक परिचित के साथ बैठी हुई थीं, लेकिन अफरा-तफरी के कारण एंबुलेंस नहीं मिल पा रही थी। काफी देर बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया जा सका। डोम से बच्चे, महिलाएं और अन्य घायल जैसे-तैसे बाहर निकले। कोई रो रहा था तो कोई परिजनों को खोज रहा था। कार्यक्रम स्थल से हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कृष्णमुरारी मोघे को भी बड़ी मुश्किल से बाहर लाया जा सका।

विधायक करते रहे सीएम से जाने का आग्रह

अतिथि जब कार्यक्रम स्थल से जाने लगे तो मुख्यमंत्री ने जाने से इंकार कर दिया। विधायक सुदर्शन गुप्ता, राजेश सोनकर आदि ने उनसे आग्रह किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने इंकार कर दिया। केंद्रीय मंत्री नायडू को उनके पीए कार तक लेकर आए।

 

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