नक्सलियों ने स्वीकारा इस वर्ष देशभर में खोए 210 साथी, छत्तीसगढ़ में 140

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कांकेर। नक्सलियों ने स्वीकारा है कि इस वर्ष पूरे देश में 210 नक्सली मारे गए। इनमें अलग-अलग डिविजन कमेटी से 2 सीसीएम, दंडकारण्य के 140, बिहार और झारखंड के 27, आंध्र व ओडिशा बार्डर के 35, ओडिशा के 6, तेलंगाना के 1, पश्चिम बंगाल के 2 व पश्चिमी घाटी के 1 नक्सली नेता शामिल हैं। इनमें 54 महिला नक्सली हैं।

मारे गए साथियों की याद में हर वर्ष 28 जुलाई से 3 अगस्त तक मनाए जाने वाले शहीदी सप्ताह के एक दिन पहले दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने यह बयान जारी किया है। इसमें लिखा है कि 1967 से नक्सलबाड़ी सशस्त्र किसान विद्रोह से लेकर पिछले 50 वर्षों में करीब 15 हजार साथियों को खोया है।

इनमें वरिष्ठ साथियों में बिहार झारखंड के रघुनाथ महतो, आशीष यादव, संग्राम, आंध्र-ओडिशा बार्डर में प्रभाकर, किरण, प्रिंस व सुदय मारे गए। इसी तरह दंडकारण्य में वेको उक्काश, पूनेम राजू, मिच्चा तिरूपति, किशोर, पोटाम, लच्छू, हेमला अंजू, कोरसा, संतू, कोआसी लिंगू, सोढ़ी सुक्की, मढ़काम बदरू, रोशन, तिरूपति, बुधरा, सोमजी आदि शामिल हैं।

दो पन्ने के बयान में सफलता के नाम पर सिर्फ 24 अप्रैल को बुरकापाल व 11 मार्च को भेजी में हुई मुठभेड़ का जिक्र है। साथ ही पीएम व सीएम की नीतियों को कोसते हुए देशभक्ति के नाम पर भगवाकरण और बड़े औद्योगिक घरानों को खनन का ठेका देने का विरोध किया है। पत्र में लिखा है कि सर्पदंश व बुढ़ापे की वजह से भी कुछ साथी गंवाए।

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