नीतीश ने मोदी पर साधा निशाना-मां गंगा खोज रही अपना बेटा?

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पटना: यूपी चुनावों के मद्देनजर ‘गंगा मैय्या’ की चर्चा एक बार फिर नेताओं की जुबान पर चढ़ने लगी है. अभी पिछले दिनों जब नरेंद्र मोदी ने फतेहपुर में एक रैली में कहा था कि यूपी में बिजली नहीं आती तो पलटवार करते हुए राज्‍य के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने उनसे सवालिया लहजे में पूछा था कि आप तो गंगा मैया के बेटे हैं तो उन्‍हीं की कसम खाकर बताइए कि क्‍या बनारस में 24 घंटे बिजली नहीं रहती. नरेंद्र मोदी बनारस संसदीय सीट से ही लोकसभा सदस्‍य हैं.
गंगा मैया की चर्चा करने वाले नेताओं की ताजा कड़ी में बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का नाम जुड़ गया है. नोटबंदी का समर्थन करने वाले नीतीश कुमार ने शनिवार को पटना में पीएम मोदी पर खास अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा, ”पीएम कहते हैं, मां गंगा ने बुलाया है, लेकिन हम बनारस गए तो लोग कह रहे थे कि गंगा मां खोज रही थी, कहां गया मेरा बेटा.” दरअसल नीतीश कुमार पिछले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के बयान की पृष्‍ठभूमि में अपनी बात कह रहे थे. दरअसल उस दौरान टीवी विज्ञापनों और बनारस की रैली में पीएम मोदी ने कहा था, ”मैं यहां आया नहीं हूं बल्कि मुझे तो मां गंगा ने बुलाया है.”
नीतीश कुमार ने शनिवार को पटना में गंगा की अविरलता से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही. कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए बिहार के मुख्‍यमंत्री ने कहा कि गंगा की स्थिति को देखकर रोना आता है.
इस मुद्दे पर राजद नेता लालू प्रसाद यादव ने भी कुछ दिन पहले पीएम मोदी पर निशाना साधा था. इस दौरान उन्‍होंने कहा था,”मोदी ने कहा कि हमको गंगा मां ने बुलाया था. गंगा मां कब बुलाती हैं.”
नीतीश कुमार ने अपना बयान गंगा की अविरलता से जुड़े कार्यक्रम में दिया. इसके साथ ही गंगा नदी में पानी का बहाव घटने और फरक्का बांध के कारण नदी में बढ़ते गाद पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि फरक्का बांध के कारण राज्य में हर वर्ष बाढ़ आ रही है. कुमार ने बक्सर में जलाशय बनाने और इलाहाबाद-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग के रास्ते में उत्तर प्रदेश के अन्य स्थानों पर जलाशय बनाने के प्रस्ताव पर भी चिंता जताई. वह यहां गंगा पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे. दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन राज्य के जल संसाधन विभाग ने किया है जिसका विषय है ‘अविरल गंगा’ और इसमें देश-विदेश में पर्यावरण और जल प्रबंधन पर काम करने वाले लोग शिरकत कर रहे हैं.

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