पदोन्नति में आरक्षण : सुप्रीम कोर्ट में MP की अलग सुनवाई के लिए सरकार कर सकती है आवेदन

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भोपाल। प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देकर राज्य के पदोन्नति में आरक्षण मामले की अलग से सुनवाई करने की मांग कर सकती है। सुनवाई दस अगस्त को प्रस्तावित है। सरकार का मानना है कि यदि बाकी राज्यों के साथ प्रदेश के मामले की सुनवाई हुई तो निर्णय होने में समय लग सकता है।

इसकी वजह से पदोन्नतियां प्रभावित होंगी। उधर, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव केके कातिया के सेवानिवृत्त होने के बाद मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) आरके मेहरा को प्रभारी ओआईसी बनाया गया है।

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सरकार पदोन्नति में आरक्षण मामले को ज्यादा लंबा नहीं खींचना चाहती है। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट में जब मामला चल रहा था, तब भी इसकी लगातार सुनवाई की बात वकीलों ने रखी थी पर नई पीठ गठित होने के कारण प्रकरण टल गया।

अब दस अगस्त को अन्य राज्यों के आरक्षण संबंधी मामलों के साथ प्रदेश के प्रकरण की सुनवाई रखी गई है। ये माना जा रहा है कि बाकी राज्यों के साथ प्रकरण होने से सुनवाई लंबी चल सकती है। इससे फैसला आने में समय लग सकता है और सरकार पदोन्नतियां नहीं कर सकेंगी।

इसको लेकर पदोन्नति के पात्र हो चुके अधिकारियों-कर्मचारियों के आर्थिक हितों पर प्रभाव पड़ रहा है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन सरकार से मांग कर रहे हैं कि वो सुप्रीम कोर्ट से सशर्त पदोन्नति के लिए आग्रह करे। उधर, सरकार सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देकर अपनी सुनवाई अलग से कराने की तैयारी में है। इसके लिए आवेदन सुनवाई से पहले लगाया जा सकता है।

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