पलानीसामी और पन्नीर खेमों के एक होने की कोशिशें तेज, दोनों ने कमेटी बनाई

0
55
चेन्नई. AIADMK के दो गुटों को एक करने के लिए कोशिशें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री के. पलानीसामी और ओ. पन्नीरसेल्वम ने शुक्रवार की रात को इसके लिए एक-एक कमेटी बनाने का एलान किया। पलानीसामी की बनाई कमेटी को लीड राज्यसभा मेंबर आर. वैथीलिंगम करेंगे। वहीं, पन्नीरसेल्वम खेमे की कमेटी के हेड के पी मुनुसामी होंगे। इसमें सात मेंबर भी शामिल होंगे। पलानीसामी ने यह फैसला शुक्रवार को मंत्रियों और विधायकों की मीटिंग के बाद लिया। बता दें कि जनरल सेक्रेटरी वीके शशिकला ने ही पलानीसामी को मुख्यमंत्री बनाया था। शशिकला के जेल जाने के बाद वे ही पार्टी को लीड कर रहे हैं।
– पन्नीरसेल्वम खेमे की ओर से जारी एक प्रेस नोट में कहा गया कि के पी मुनुसामी के अलावा सी पोन्नीयन, आर विश्वनाथ, के पंडियाराजन, वी मैत्रेयन, टी एच मनोज पंडियन और जेसीडी प्रभाकर इस कमेटी के मेंबर्स होंगे।
– इससे पहले बुधवार को सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम ने कहा था है कि जब तक पार्टी और सरकार में शशिकला और उनके परिवार के लोग रहेंगे, दोनों खेमों के एक होने का सवाल ही नहीं उठता।
– बता दें कि तमिलनाडु में जयललिता के निधन के बाद पन्नीरसेल्वम ने बगावत के बाद एक गुट बना लिया था। दूसरे खेमे को पार्टी की जनरल सेक्रेटरी शशिकला और उनका भतीजा टीटीवी दिनाकरन लीड कर रहे हैं।
– पन्नीरसेल्वम ने जयललिता के पिछले साल 5 दिसंबर को निधन की सीबीआई जांच की भी मांग की थी।
– दोनों खेमों के एक होने के बीच अपना सख्त रुख करते हुए पन्नीरसेल्वम गुट ने मांग की थी कि शशिकला और दिनाकरण के अलावा उनके परिवार के 30 मेंबर्स को पार्टी से बर्खास्त किया जाए।
– जयललिता की मौत के 65वें दिन AIADMK में बगावत हो ही गई थी। दरअसल जयललिता ने अपनी तबीयत खराब होने के बाद पन्नीरसेल्वम को राज्य का सीएम बनाया था।
– जब जयललिता का निधन हो गया तब शशिकला खेमा एक्टिव हुआ और पन्नीरसेल्वम को इस्तीफा देना पड़ा। इस बीच शशिकला को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बना दिया गया।
– इसी के बाद पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने दावा किया था- “मुझसे जबर्दस्ती इस्तीफा लिया गया। अगर तमिलनाडु के लोग चाहेंगे तो मैं इस्तीफा वापस लेने को तैयार हूं।”
– उन्होंने बताया था कि मुझे पोएस गार्डन बुलाया। वहां पार्टी नेताओं ने कहा कि शशिकला को सीएम बनाने के लिए इस्तीफा दे दूं। इससे पहले वे करीब 40 मिनट तक जयललिता की समाधि पर मौन बैठे रहे थे।
– बाद में हाई ड्रामा के बीच शशिकला खेमा ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित किया था।

– शशिकला को बेहिसाब प्रॉपर्टी (डिसप्रपोर्शनेट एसेट-DA) मामले में जेल में हैं। बता दें कि फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के 4 साल की सजा के फैसले को बरकरार रखा था। साथ ही 10 करोड़ जुर्माना लगाया था।
– शशिकला 6 महीने की सजा वे काट चुकी हैं। उन्हें साढ़े तीन साल जेल में गुजारने होंगे। फैसले के साथ ही शशिकला का पॉलिटिकल करियर एक तरह से खत्म हो गया है। 4 साल की सजा पूरी करने के बाद वे 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इस तरह 10 साल तक चुनावी राजनीति से बाहर रहेंगी। बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने इसी केस में शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था।

LEAVE A REPLY