बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में डिग्री, माइग्रेशन व रिजल्ट का काम अटका

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भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में हड़ताली कर्मचारियों ने बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में झाड़ू लगाकर सफाई अभियान चलाया। कर्मचारी 7 मार्च से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। लगातार काम बंद रहने के कारण इसका असर विश्वविद्यालय के कार्यों पर पड़ना शुरू हो गया है।

बुधवार से भले ही दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विश्वविद्यालय प्रशासन के दबाव के कारण और मप्र विश्वविद्यालयीन कर्मचारी महासंघ के कहने पर काम पर लौटना पड़ा, लेकिन इससे भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।

इसकी मुख्य वजह यह है कि परीक्षा और गोपनीय शाखा से जुड़े स्थायी कर्मचारी अब भी हड़ताल पर हैं। उन्होंने यहां सत्य भवन के सामने झाड़ू लगाई और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। प्रदेश के सातों विश्वविद्यालयों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके लिए राज्य शासन जिम्मेदार है।

परीक्षा परिणाम पर भी असर

लगातार काम बंद रहने की वजह से इसका असर परीक्षा परिणामों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षाओं के परिणाम अटके हुए हैं। महासंघ के प्रवक्ता जीएस परिहार ने बताया कि बरकतउल्ला सहित, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर और अन्य विश्वविद्यालयों में यही स्थिति है। बीयू की हड़ताल की वजह से काम 10 दिन लेट चल रहा है। आगे भी हड़ताल जारी रही तो व्यवस्था और गड़बड़ाएगी।

नहीं हो रहे काम

हड़ताल की वजह से छात्रों के निजी काम भी अटके हुए हैं। इसमें दस्तावेजों में त्रुटि सुधार, आवेदन के संबंध में जानकारी, डुप्लीकेट मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सहित अन्य रोजमर्रा के काम भी नहीं हो रहे हैं। गौरतलब है कि विवि प्रशासन ने कर्मचारियों से काम पर लौटने के लिए कहा था लेकिन कर्मचारियों की दलील है कि मांगें स्वीकृत होने के बाद ही वे काम पर लौटेंगे।

इनका कहना है

मेरी मार्कशीट में नाम गलत लिखा है। इस वजह से कहीं आवेदन नहीं कर पा रहा हूं। नाम सुधरवाने के लिए कई दिन से विवि के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन हड़ताल के चलते काम नहीं हो रहा।

रवी सिंह, छात्र

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