बिना मशीन के बनाए जा रहे हैं 500 और 2000 के नकली नोट

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जयपुर। बीते साल 8 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काले धन और जाली नोटों को बाजार से बाहर करने के लिए 500 और 1000 रुपए ने नोटों बंद कर दिया था। इनकी जगह पर अतिरिक्त सुरक्षा फीचर्स के साथ 500 और 2000 रुपए के नए नोटों को बाजार में उतारा गया था।

मगर, राजस्थान का एक गिरोह सरकार की इन कोशिशों को धता बताते हुए बिना किसी मशीन के नकली नोटों की छपाई कर रहा है। भरतपुर जिले से महज 13 किलोमीटर दूर अजान नाम के गांव में ये नोट बनाए जा रहे हैं। नकली नोट बनाने वाले इस गैंग का नाम विजय गैंग है। इस अवैध काम में शामिल एक युवक ने बिना किसी मशीन या सेटअप के 500 रुपए का नकली नोट का सेंपल बना कर दे दिया।

युवक ने कई चौंकाने वाले खुलासे करते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश तक के लोग नकली नोटों को लेने के लिए उसके पास आते हैं। उसने बताया कि इन नोटों को बनाने के लिए कई केमिकल, ग्लास और आग का इस्तेमाल नोटों में प्रिंटिंग के लिए किया जाता है।

गैंग के लीडर ने दावा किया कि एक लाख रुपए कीमत के नकली नोटों की छपाई के लिए 25 हजार रुपए का खर्चा आता है। लिहाजा गैंग एक लाख रुपए की नकली करेंसी के लिए 50 हजार रुपए चार्ज करता है। उसने यह भी बताया कि नोटों को बनाने के लिए जिस स्याही का इस्तेमाल किया जाता है, वह चार महीने में उड़ने लगती है, लिहाजा अधिकतम चार महीने के अंदर ही इसे बाजार में चलाना होता है।

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