मारुति कांडः जानिए हिंसा वाले दिन से आज तक का पूरा घटनाक्रम

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गुड़गांव। मानेसर स्थित मारुति प्लांट में 18 जुलाई 2012 में हुई भीषण तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में शुक्रवार को फैसला आया था और 18 मार्च को दोषियों को सजा सुना दी गई। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने 31 लोगों को मामले में दोषी करार दिया और 117 लोगों को बरी कर दिया गया।

किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए मारुति के प्लांट के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। जानते हैं उस दिन क्या हुआ था।

18 जुलाई 2012

– सुबह दस बजे श्रमिक जियालाल सुपरवाइजर मांझी से हुआ था विवाद।

– सुबह 11 बजे श्रमिक को निलंबित किया गया था।

– दोपहर 12 बजे श्रमिकों ने काम बंद किया था।

– शाम 4 बजे प्रबंधन व यूनियन नेताओं में बातचीत शुरू हुई थी।

– शाम छ बजे श्रमिक मारपीट व कई जगह आग लगा अधिकारियों को बंधक बना पीटा था।

– पंद्रह मिनट बाद मानेसर थाना प्रभारी पहुंचे पर उग्र भीड़ को देख कुछ नहीं कर सके।

– सात बजे भारी पुलिस बल बुला डीसीपी ने कराया बल प्रयोग बंधकों को छुड़ा अस्पताल भेजा था।

– रात साढ़े नौ बजे जला शव मिला था।

-रात दस बजे पुलिस आयुक्त ने मौके पर जा आरोपियों को पकड़ने के दिए निर्देश दिए थे।

– रात बारह बजे 40 श्रमिक किए गए गिरफ्तार।

19 जुलाई :

– अलसुबह चार बजे 30 दमकल गाड़ियों के सहारे आग पर पर काबू पाया था।

– बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे 48 श्रमिक और गिरफ्तार किए गए थे।

– दोपहर करीब एक बजे डीजीपी रंजीव सिंह दलाल मौके पर आए एसआइटी को जांच में लगाया था।

– शाम साढ़े तीन बजे जले शव की पहचान जीएम एचआर अवनीश कुमार देव के रूप में हुई थी।

– शाम को गिरफ्तार किए गए श्रमिकों की संख्या 99 हुई थी।

20 जुलाई : दोपहर करीब डेढ़ बजे जापानी दूतावास से प्रतिनिधिमंडल कंपनी के हालात देखने आया था।

– इंजीनियरों ने क्षतिग्रस्त सर्वर व कंट्रोल रूम को सही करने की मुहिम छेड़ी थी।

21 जुलाईः कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने जापानी हास्टल गुड़गांव में पांच घंटे तक चली बैठक में सुरक्षा की गारंटी न मिलने तक प्लांट बंद रखने का फैसला लिया था।

22 जुलाई : नामजद आरोपी कर्मचारी यूनियन के संगठन सचिव योगेश को सहित सात आरोपियों की हुई गिरफ्तारी।

– सर्वर सही होने से कंपनी आईटी सिस्टम से जुड़ी थी।

23 जुलाई : योगेश व अन्य लिए गए पुलिस रिमांड पर

29 जुलाई : कंपनी ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर असुरक्षा की बात कह प्लांट में तालाबंदी बढ़ाई

30 जुलाई : किरकिरी होते देख पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए नया पैंतरा चला था

1 अगस्त : सुबह दस बजे मिली सफलता मुख्य आरोपी राममेहर व नौ अन्य गिरफ्तार

-शाम पांच बजे डीजीपी ने प्रेस कांफ्रेस कर आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मानेसर में रिजर्व बटालियन तैनात करने की की घोषणा की थी

2 अगस्त : राममेहर सहित नौ को पुलिस ने लिया सात दिन की रिमांड पर

– तीन आरोपी और हुए गिरफ्तार गए न्यायिक हिरासत में जेल गए थे

14 अगस्तः मुख्य आरोपी जियालाल पकड़ा गया था

21 अगस्तः को मारुति के दोनों संयत्र शुरू हुए थे

10 मार्च 2017 : 31 आरोपियों को जिला अदालत ने दोषी करार दिया 117 को सबूतों के अभाव में बरी किया

17 मार्च 2017 : सजा कितनी हो दोनो पक्षों में हुई बहस

18 मार्च 2017 : 31 आरोपियों में से 13 को उम्र कैद की सजा 4 को पांच साल की सजा 14 के लिए जेल अवधि को माना सजा

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