मीसा भारती के सीए के खिलाफ ईडी ने दायर की चार्जशीट

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नई दिल्ली। मनी लांड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। फार्म हाऊस खरीदने के लिए उनके कालाधन को सफेद बनाने में मदद करने वाले सीए राजेश अग्रवाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप पत्र दायर कर दिया है।

वैसे यह आरोप पत्र अभी मीसा भारती के मामले में नहीं है। यह जगत प्रोजक्ट लिमिटेड के मनी लांड्रिंग के आरोप में दायर किया गया है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राजेश अग्रवाल लोगों के कालाधन को सफेद करने का काम करता था। इस काम को वह जैन भाइयों (सुरेंद्र जैन और वीरेंद्र जैन) की मदद से अंजाम देता था। जैन भाइयों पर जगत प्रोजेक्टस लिमिटेड के निदेशकों का लगभग 64 करोड़ रुपये सफेद करने का आरोप है। राजेश अग्रवाल की इसमें अहम भूमिका थी।

ईडी ने राजेश अग्रवाल और जगत प्रोजेक्ट के निदेशकों के साथ ही जैन भाइयों की 26 मुखौटा कंपनियों को आरोपी बनाया है। जगत प्रोजेक्ट लिमिटेड का कालाधन भी उसी तरीके से सफेद किया गया था जैसे मीसा भारती का किया गया है। जैन भाइयों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने स्वीकार किया है कि मीसा भारती के 1.20 करोड़ रुपये की नकदी को सफेद बनाने के लिए उन्हें 90 लाख रुपये नकद एडवांस में दिए गए थे। ये पैसे राजेश अग्रवाल के मार्फत दिए गए थे। राजेश अग्रवाल भी इसे स्वीकार कर चुका है।

जैन भाइयों ने अपनी मुखौटा कंपनियों के मार्फत मीसा भारती और शैलेष कुमार की कंपनी मिशेल पैकर्स एंड प्रिटंर्स के 1,20,000 शेयर 100 रुपये के प्रति शेयर के हिसाब से खरीदे थे। यानी शेयर खरीदने के लिए जैन भाइयों ने मीसा भारती और शैलेष कुमार को 1.20 करोड़ रुपये का भुगतान चेक से किया। जबकि मीसा और शैलेष ने जैन भाइयों को यह पैसा नकद दिया था। बाद में महज 10 रुपये प्रति शेयर के भाव से 12.20 लाख रुपये में सारे शेयर वापस खरीद लिए गए। इस तरह से उनका लगभग 1.8 करोड़ रुपये सफेद हो गया। आरोप है कि इसी पैसे से बाद में मीसा और शैलेष ने बिजवासन का फार्महाऊस खरीदा था। इस मामले में मीसा भारती और उनके पति शैलेष कुमार से ईडी पूछताछ कर चुकी है।

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