मुंबई की पहचान रहीं बग्घी ‘विक्टोरियाज’ जल्द ही होंगी इतिहास के पन्नों में शामिल

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मुंबई। मुंबई की सड़कों पर चलने वाली बग्घियां जल्द ही इतिहास के पन्ने में दर्द हो जाएंगी। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई की बग्घियों के मालिकों और ऑपरेटरों के पुनर्वास की तैयारी कर ली है। इन बग्घियों को ‘विक्टोरियज’ के नाम से भी जाना जाता था।

बेहतरीन सजावट और लाइट से चमकती इन गाड़ियों को घोड़े दक्षिण मुंबई की सड़कों पर जब अपनी टापों की आवाज के साथ खींचते हैं। यह सिलसिल औपनिवेशिक काल से ही चला आ रहा है। इनका मजा पर्यटक और स्थानीय लोगों हमेशा से लेते रहे हैं।

साल 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इन गाड़ियों के लिए सड़क से हटाए जाने का संकेत दे दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इन गाड़ियों का संचालन से पशुओं के साथ क्रूरता होती है। इससे कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था।

राज्य के मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को बग्घी मालिकों के पुनर्वास योजना के हिस्से को मंजूरी दी। एक अधिकारी ने बताया कि इस बैन से प्रभावित होने वाले लोगों को सरकार वन टाइम सैटेलमेंट के तहत तीन लाख रुपए देगी। कैबिनेट के इस फैसले के 91 विक्टोरिया ओनर और 130 ड्राइवर प्रभावित होंगे।

में सरकार हड़पने वाले लाइसेंस को एक लाख रूपये के साथ बीज निधि के रूप में या 3 लाख रूपए से एक बार निपटान के रूप में प्रभावित करेगी, यहां बताया। हालांकि, बग्घी मालिकों ने दावा किया कि करीब 800 परिवार सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से इस रोजगार से जुड़े हैं।

उच्च न्यायालय ने इस साल फरवरी में प्रभावित लोगों के पुनर्वास की धीमी गति से राज्य सरकार की आलोचना की थी और उसे अपने प्रयासों को तेज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार ने पुनर्वास पैकेज पर काम करने के लिए कुछ और समय मांगा था।

 

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