मुख्यमंत्री रघुवर दास ने की बड़ी घोषणा : महिला के नाम से संपत्ति खरीदें, शुल्क एक रुपया

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रांची : झारखंड में महिलाअों को अब अचल संपत्ति खरीदने पर कोई निबंधन व स्टांप शुल्क नहीं देना होगा. सरकार सिर्फ एक रुपये टोकन मनी के रूप में लेगी. इसे टोकन स्टांप के नाम से जाना जायेगा. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को इसकी घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने कहा : सरकार ने राज्य में महिलाओं के सशक्तीकरण और उनके आर्थिक हितों की रक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. बुधवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक थी. बैठक के बाद यह तय हुआ कि अब सरकार महिलाओं की ओर से संपत्ति खरीदे जाने पर उनसे कोई शुल्क नहीं लेगी.   इस पर विभागीय मंत्री अमर कुमार बाउरी ने भी सहमति जतायी. अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में लाया जायेगा. कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही यह राज्य में लागू हो जायेगा.स्टांप और िनबंधन शुल्क में फिलहाल 10 फीसदी की मिलती है छूट :  पूर्व  में महिलाओं को पुरुषों की तरह ही अचल संपत्ति की खरीद में निबंधन और स्टांप शुल्क देना पड़ता था. सरकार सभी से संपत्ति के मूल्य का तीन फीसदी निबंधन शुल्क और चार फीसदी स्टांप शुल्क के रूप में लेती थी. हालांकि चार नवंबर 2015 को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने महिलाओं को संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क में 10-10 फीसदी की छूट देने की घोषणा की थी. इस तरह राज्य में फिलहाल महिलाओं को अपने नाम संपत्ति खरीदने पर 10 फीसदी की छूट दी जाती है.सरकार ने यह तय किया है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति पत्नी के नाम हस्तांतरण  (ट्रांसफर) करता है, तो ऐसे मामले में छूट का लाभ नहीं मिलेगा. इस पर सामान्य  रूप से निबंधन व स्टांप शुल्क लगेगा.  फिलहाल महिला के नाम पर किसी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर निबंधन व स्टांप शुल्क में 10-10 प्रतिशत छूट दिये जाने का प्रावधान है. अगर कोई पुरुष 10 लाख की कीमत की संपत्ति खरीदता है, तो चार फीसदी के हिसाब से 40 हजार रुपये स्टांप शुल्क के रूप में देना पड़ता है.
इसी प्रकार निबंधन शुल्क तीन फीसदी के हिसाब से 30 हजार रुपये देना पड़ता है. पर वह अगर महिला के नाम पर संपत्ति खरीदता है, तो उसे स्टांप  शुल्क के रूप में 4000 रुपये की छूट मिलने के बाद 36 हजार रुपये देने पड़ेंगे. निबंधन शुल्क में 3000 रुपये की छूट मिलने के बाद 27 हजार रुपये देने पड़ेंगे. इस तरह  महिलाअों के नाम 10  लाख की अचल संपत्ति खरीदने पर 70 हजार के कुल शुल्क में सात हजार रुपये की  छूट मिलती है. यानी 63 हजार रुपये देने पड़ते हैं. पर नयी व्यवस्था लागू होने के बाद से सिर्फ एक रुपया टोकन मनी के रूप में देना होगा.  राज्य में एक से ज्यादा कार रखनेवालों को अब अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा. दूसरी कार व इसके बाद की कार खरीदने पर मालिक से रजिस्ट्रेशन के दौरान ज्यादा शुल्क लिया जायेगा. लक्जरी कार पर भी रजिस्ट्रेशन शुल्क ज्यादा लगेगा. इसके लिए विभाग नियमों में संशोधन करेगा. परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इससे संबंधित निर्देश दिये.
 राज्य सरकार ने छोटे व्यापारियों को राहत दी है. दो करोड़ रुपये तक का व्यापार करनेवालों को सेल्फ एसेस्मेंट की छूट रहेगी. यह निर्णय वाणिज्यकर विभाग की बैठक में लिया गया. बैठक में बताया गया कि अभी तीन प्रतिशत व्यापारियों का रेंडम चयन कर उनका एसेस्मेंट किया जाता है, लेकिन इसका ज्यादा लाभ विभाग को नहीं होता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राजस्व में वृद्धि नहीं होती है, लेकिन व्यापारी परेशान होते है. ऐसे में उन्हें सेल्फ एसेस्टमेंट की छूट रहेगी. एेसे व्यापारियों की संख्या करीब 90 प्रतिशत है.मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि घरेलू कामगारों के कल्याण और उन्हें शोषण से बचाने के लिए राज्य सरकार कानून बनायेगी. अलग से उनके लिए फंड बनाया जायेगा, जिसका उपयोग घरेलू कामगारों के जीवन स्तर में सुधार और कल्याण  के लिए किया जायेगा

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