UP : मोदी की ‘सुनामी’: ये 4 चेहरे CM की रेस में सबसे आगे

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नई दिल्ली/लखनऊ
मोदी की ‘सुनामी’ में खोई विरोधियों की जमीनों पर बीजेपी शासन का बिगुल बज गया है। रविवार को पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह जहां ‘सुपर सीएम’ की भूमिका में होंगे, वहीं मुख्यमंत्री के पद पर कौन बैठेगा, इसमें उनका खासा दखल रहेगा।

यूपी में मुख्यमंत्री की गद्दी किसे मिलेगी, यह बैठक में तय होगा, लेकिन राजनीतिक पंडितों ने अपने-अपने कयास लगाने शुरू कर दिए हैं। यूपी बीजेपी चीफ केशव प्रसाद मौर्य के अलावा गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ, टेलिकॉम मिनिस्टर मनोज सिन्हा का नाम रेस में आगे चल रहा है। इसके अलावा, जिस नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है, वह है राजनाथ सिंह।

राजनाथ सिंह के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह सीएम पद को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। पार्टी के अन्य सूत्रों का कहना है कि केंद्र से किसी को भी राज्य में भेजने का फैसला नहीं लिया गया है।

आशंका जताई जा रही है कि इतने भारी बहुमत के बाद राज्यों में किसी ऐसे चेहरे को भेजना मुनासिब रहेगा, जो विकास की तमाम योजनाओं को केंद्र के साथ जोड़कर प्रदेश को आगे बढ़ा सके।

साल 2019 में एक बार फिर बीजेपी को परीक्षा की घड़ी (2019 लोकसभा चुनावों) से गुजरना होगा। एक पार्टी सूत्र ने बताया कि अमित शाह किसी ऐसे जमीनी चेहरे को गद्दी सौंपना चाहते हैं, जीत की लय बरकरार रख सके।

उत्तराखंड के लिए सतपाल महाराज, देवेंद्र रावत और प्रकाश पंत रेस में हैं। इसके साथ ही बीजेपी मणिपुर और गोवा में भी किसी तरह सरकार बनाने के प्रयास में है। पार्टी महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी से संपर्क में है।

देखना होगा कि पार्टी की तरफ से गोवा के पूर्व सीएम रहे मनोहर पर्रिकर को वहां भेजने का दांव खेलेगी या नहीं। कभी वीएचपी ऐक्टिविस्ट के तौर पर काम करने वाले केशव प्रसाद मौर्य की अशोक सिंघल से खासा करीबी थी। उन्हें अमित शाह ने नॉन-यादव बैकवर्ड्स से मुकाबले के लिए यूपी चीफ की कमान सौंपी थी।

यूपी लोकसभा कैंपेन के मुख्य कर्ता-धर्ता रहे मौर्य को साल 2014 में वरिष्ठ नेताओं के विरोध के बावजूद फूलपुर सीट से टिकट दिया गया था। इसके अलावा इंजिनियर व बीएचयू स्टूडेंट्स यूनियन के पूर्व प्रेजिडेंट रहे मनोज सिन्हा भी मोदी और शाह के करीबी माने जाते हैं।

सूत्रों का कहना है कि मोदी सौम्य सुभाव वाले मनोज सिन्हा के टेलिकॉम मिनिस्टर वाले कामकाज से खुश हैं। सिन्हा के पास इसके अलावा रेलवे राज्य मंत्री का भी अतिरिक्त प्रभार है। वह भी पार्टी के सांसदों के बीच खासा लोकप्रिय हैं। गौरक्ष पीठ गोरखपुर के प्रमुख योगी आदित्यनाथ की गिनती हिंदुत्व के कट्टर चेहरों में होती है, जिससे उन्हें लेकर शाहर और मोदी, दोनों में सहमति बन सकती है।

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