यूपी चुनाव: गुलाबी गैंग की इस लीडर का भाग्य भी EVM में कैद

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बुंदेलखंड। देश-दुनिया में 52 साल की संपत पाल की पहचान गुलाबी गैंग की नेता के रूप में है। यह ऐसी महिलाओं का समूह है, जो गुलाबी साड़ी पहनता है और महिलाओं को सम्मान तथा न्याय दिलाने के लिए अपने ही तरीके का इस्तेमाल करता है। इस बार उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव में वह मनिकपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। इस सीट पर चौथे चरण में मतदान हो चुका है।

संपत पाल ने साल 2012 में पहली बार चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गई थीं। इस बार उन्होंने फिर से ताल ठोंकी। गुलाबी गैंग का दावा है कि पूरे राज्य में चार लाख महिलाएं उसकी सदस्य हैं, वहीं मनिकपुर में उसकी सदस्यों की संख्या 25 हजार से अधिक है। इस बार समाजवादी पार्टी का भी उन्हें समर्थन मिला।

विकास के मुद्दों पर लड़ रहीं हैं संपत

चित्रकूट में अपनी एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने कहा था कि यदि मैं इस बार जीती, तो गांव के बच्चों और खासकर लड़कियों को इंग्लिश मीडियम से शिक्षा दिलाऊंगी। अगला मुद्दा रोजगार और किसानों की आमदनी को बढ़ाना है। हमें सब्सिडी की जरूरत नहीं है। अपने चुनाव क्षेत्र में संपत पाल ट्यूबवेल लगवाने, जल आपूर्ति, बिजली, सड़क जैसे मुद्दों को लेकर प्रचार कर रही हैं।

गौरतलब है कि साल 2014 में माधुरी दीक्षित ने गुलाबी गैंग के नाम से संपत पाल पर एक फिल्म बनाई थी। इसके अलावा वह टीवी रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 6’ में भी शामिल हो चुकी हैं। ब्रसेल्स में रहने वाली लेखिका अमाना फोनतानेल-खान ने ‘पिंक साड़ी रेवोल्यूशन’ किताब में उनकी कहानी भी लिखी।

ऐसे शुरू हुआ चुनावी सफर

‘गुलाबी गैंग’ की सह-संस्थापक भगवती द्विवेदी ने बताया कि मीडिया में लोकप्रिय होने के बाद फ्रांस और इटली की सरकार ने संपत को आमंत्रित किया। इटली में संपत की मुलाकात सोनिया गांधी की मां से हुई, जिन्होंने संपत को एक अंगूठी दी और उन्हें अपनी बेटी कहा था। इस तरह संपत कांग्रेस अध्यक्ष से जुड़ीं और उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ।

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