राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के साथ खड़े होंगे लालू…क्या बिहार में बदलेंगे समीकरण?

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पटना: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने बुधवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार को लेकर उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ खड़ी होगी. लालू ने कहा, “हम विपक्षी दलों के फैसले के साथ हैं. विपक्षी दलों की बैठक गुरुवार को नई दिल्ली में होनी है. जदयू द्वारा राजग उम्मीदवार और बिहार के पूर्व राज्यपाल राम नाथ कोविंद को समर्थन दिए जाने पर लालू ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया. राजद सुप्रीमो ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर विपक्षी दलों से सलाह नहीं करने और आम सहमति बनाने का प्रयास नहीं करने को लेकर राजग की आलोचना की थी. कांग्रेस ने कोविंद का समर्थन करने से इनकार कर दिया है और कहा है कि विपक्ष का अपना उम्मीदवार होगा.

इससे पहले कोविंद का समर्थन करने का फैसला कर जेडीयू ने विपक्ष को एकजुट करने की कवायद को बड़ा झटका दे दिया. नीतीश ने संभवत: पहली बार राजद से अलग राह पकड़ी है. ऐसे में बिहार में आगे आने वाले समय में सियासी उठापटक देखने को मिल सकता है. सवाल उठने लगे हैं कि नीतीश कुमार ने लालू यादव को बाय-बाय करने का भी तो मन नहीं बना लिया है. जेडीयू के फैसले को एनडीए के खेमे में आने का शुरुआती संकेत भी माना जा रहा है.

लालू यादव और उनके परिवार को पर बेनामी संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई शुरू हो गई हैं. ऐसे में लालू का साथ नीतीश को खलने लगा है. उनकी क्लीन इमेज को धक्का लग रहा है. क्लीन इमेज ही उनकी सियासी जमा पूंजी है. सुशील मोदी लालू यादव पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति नरम रवैया अख्तियार किए हुए हैं. सुशील मोदी ने कुछ दिन पहले हीए नीतीश को बीजेपी का समर्थन देने की बात कही थी.

महागठबंधन में फूट!
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बिहार महगठबंधन में फूट साफ तौर दिखाई दे रही है. जहां कांग्रेस और आरजेडी ने बीजेपी समर्थित उम्मीदवार रामनाथ को फैसला नहीं देने का फैसला किया है, वहीं जेडीयू इससे उलट कोविंद को समर्थन देगी. ऐसे में आगे आने वाले समय में देखना होगा कि महागठबंधन कितना मजबूत रहेगा.

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