राष्ट्रपति ट्रंप की नई ट्रैवल बैन लिस्ट में उत्तर कोरिया और वेनेजुएला शामिल

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वॉशिंगटन। अब कई मुल्कों के लोगों के लिए अमेरिका में एंट्री करना आसान नहीं होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विवादित ट्रैवल पॉलिसी के तहत चाड, उत्तर कोरिया और वेनेजुएला जैसे देशों के नागरिकों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

मौजूदा पॉलिसी के तहत पहले से ही 6 मुस्लिम देशों को अमेरिका में आने के लिए वीजा नहीं देता है। मगर अब इसमें बदलाव करते हुए आठ देशों के लोगों पर यात्रा पाबंदी लगाई गई है। अमेरिका की नई यात्रा पॉलिसी के तहत

चाड, ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया,सीरिया,वेनेजुएला और यमन के लोगों पर अनिश्चित यात्रा प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि इन मुल्कों के जिन लोगों को पहले से ही वीजा दिया गया है, उनपर ये प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

उत्तर कोरिया और वेनेजुएला पर प्रतिबंध

नई पॉलिसी के तहत जिन मुल्कों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया है ,उनमें उत्तर कोरिया और वेनेजुएला जैसे दो गैर मुस्लिम देश शामिल हैं। हालांकि इस फैसले को सांकेतिक रुप से भी देखा सकता है,क्योंकि उत्तर कोरिया और अमेरिका के मौजूदा रिश्ते कितने तल्ख हैं, ये किसी से छुपा नहीं है।

इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल उत्तर कोरिया के केवल 110 नागरिकों को ही यूएस ने वीजा दिया। अमेरिका ने नई यात्रा पॉलिसी के तहत वेनेजुएला पर जो प्रतिबंध लगाया है, उसमें वहां के सरकारी कर्मचारी शामिल हैं, वहीं आम लोगों की अमेरिका यात्रा पर कड़ी पाबंदी नहीं लगाई गई है।

वहीं जिन मुल्कों के साथ अमेरिका का करार है, वो इन प्रतिबंधो से अछूते रहेंगे। मगर नए निर्देशों के तहत इन देशों के नागरिकों को मिलने वाली छूट में भी थोड़ी कटौती होगी। प्रतिबंधित देशों की मौजूदा सूची में से सुडान का नाम हटाया गया है। यह पॉलिसी अगले साल अक्टूबर से लागू होगी।

अमेरिका की सुरक्षा सबसे अहम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिकियों की सुरक्षा सबसे अहम है, इसे देखते हुए ही सरकार ने अमेरिका में आने वाले लोगों के लिए ये सुरक्षा एहतियातों को लागू किया गया है। ट्रंप ने एक बयान में कहा कि पिछली सरकारों की नाकाम पॉलिसी को लंबे वक्त तक लागू नहीं किया जा सकता है। क्योंकि इससे देश को बड़ा खतरा है। इतना ही नहीं ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिका की सुरक्षा उनके एजेंडे में सबसे ऊपर है। ऐसे में उन मुल्कों के लोगों को अमेरिका में नहीं आने दिया जाएगा, जो देश के लिए खतरा साबित हो सकते हें।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टि्वटर पर ये लिखा।

Making America Safe is my number one priority. We will not admit those into our country we cannot safely vet.https://www.whitehouse.gov/the-press-office/2017/09/24/enhancing-vetting-capabilities-and-processes-detecting-attempted-entry 

Photo published for Enhancing Vetting Capabilities and Processes for Detecting Attempted Entry into the United States...

Enhancing Vetting Capabilities and Processes for Detecting Attempted Entry into the United States…

ENHANCING VETTING CAPABILITIES AND PROCESSES FOR DETECTING ATTEMPTED ENTRY INTO THE UNITED STATES BY TERRORISTS OR OTHER PUBLIC-SAFETY THREATS

whitehouse.gov

ट्रंप सरकार ने पेश की सफाई

ट्रंप प्रशासन के एक अफसर ने नए निर्देशों के सामने आने के बाद सफाई पेश की कि, इसे राष्ट्रपति ट्रंप के उस ऐलान से जोड़ा नहीं देखा जाना चाहिए, जो उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिमों की देश में एंट्री बैन के बारे में कहा था। सरकार ने साफ किया कि ये प्रतिबंध धार्मिक आधार पर नहीं किया गया है। इस बारे में ट्रंप प्रशासन के अफसर ने कहा कि नए प्रतिबंध को लागू करने से पहले सरकार ने समीक्षा की,जिसमें ये जांचा गया कि कौन से मुल्क अमेरिका के साथ हुए यात्रा करार पर सही तरह से अमल कर रहे हैं। इसमें उन यात्रियों की जानकारी देना भी शामिल है, जिनके आतंकी गतिविधि में शामिल होने की आशंका है।

सरकार के एक सलाहकार ने कहा कि अब अमेरिका अपने देश की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। खासतौर से उन मुल्कों से जो अमेरिका को जानकारी देने में आनाकानी करते हैं। इसीलिये सुरक्षा को लेकर नए पैमाने तय किए गए हैं। किसी भी मुल्क पर प्रतिबंध लगाने से पहले कई बातों को ध्यान में रखा गया। खासतौर पर इराक के मामले में, जहां से किसी नागरिक की जांच के लिए दस्तावेजी जानकारी और दूसरे मामलों में मदद नहीं मिलने के बाद भी राष्ट्रपति ट्रंप ने इराक द्धारा आतंक के खिलाफ लड़ाई में की जा रही मदद की वजह से उस पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।

ट्रंप की विवादित ‘मुस्लिम बैन’ ट्रैवल पॉलिसी

देश में आने वाले लोगों के लिए लागू किए गए यात्रा प्रतिबंध उस वक्त सामने आए हैं, जब पहले से ही मार्च में राष्ट्रपति ट्रंप द्धारा जारी की गई पॉलिसी पर विवाद चल रहा है। अमेरिका की होमलैंड सिक्यूरिटी के कार्यवाहक सचिव ऐलन ड्यूक ने भी राष्ट्रपति ड्रंप को पिछले हफ्ते ही एक खुफिया जानकारी दी थी, जिसमें उन मुल्कों से निपटने के सुझाव दिए गए थे, जो अमेरिका आने वाले लोगों की जानकारी देने में आनाकानी कर रहे हैं। इस बारे में शुक्रवार को ही एक वरिष्ठ अफसर ने ट्रंप से मुलाकात की थी।

नई यात्रा पॉलिसी को लेकर उपजे विवाद के बीच देश की सुप्रीम कोर्ट दस अक्टूबर को इस पॉलिसी की वैधता की सुनवाई करेगी। इस बारे में सरकार के नए सॉलिसिटर जनरल नोएल फ्रांसिस्को ने रविवार रात को ही सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दिया था। जिसमें सरकार की नई यात्रा पाबंदी के बारे में पूरी जानकारी दी गई। वहीं सुप्रीम कोर्ट से ये गुजारिश भी की गई कि वो इस केस से जुड़े सभी पक्षों को पांच अक्टूबर तक नए जवाब पेश करने की मोहलत दे।

हालांकि अमेरिका में मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले संगठन इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनके मुताबिक उत्तर कोरिया और वेनेजुएला को इस सूची में शामिल करना केवल दुनिया को गुमराह करना है,क्योंकि जिन मुल्कों के लोगों पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें से ज्यादातर मुस्लिम देश ही हैं।

ऐसे में मुस्लिमों को निशाने पर ले रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पाप इसलिए कम नहीं होने वाले हैं, क्योंकि उन्होंने इस सूची में अपने दो दुश्मन देशों के नाम डाल दिए हैं।

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