लेकिन वन विभाग कर रहा इंकार दस दिन में तीन बाघ, एक तेंदुए का शिकार,

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 शहडोल वन वृत्त में शिकारियों के सक्रिय होने की खबरें सामने आ रही हैं। यहां सौ किमी के दायरे में पिछले 10 दिन में दो युवा बाघ व एक तेंदुए का शिकार हुआ है। इसके बाद भी वन विभाग इन घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि इन मामलों की जांच मुख्यालय के अफसर को सौंपने की बजाय स्थानीय मुख्य वनसंरक्षक प्रशांत जाधव को सौंपी गई है। लंबी छुट्टी पर चल रहे जाधव अब तक शहडोल नहीं पहुंचे

हैं। उन्हें सात दिन में विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपना है।

सूत्र बताते हैं कि विभाग का मुखबिर तंत्र जंगल में शिकारियों के सक्रिय होने की आशंका जता रहा है, लेकिन वन अफसर इसे मानने को तैयार नहीं हैं। अफसरों का कहना है कि तीनों घटनाओं में अंगों की तस्करी के प्रमाण नहीं मिले हैं। इसलिए घटनाओं का मकसद शिकार नहीं कहा जा सकता है।

हालांकि अफसर यह भी मान रहे हैं कि तीनों वन्यप्राणियों का शिकार हुआ है। उनका कहना है कि ग्रामीणों ने चीतल, सांभर, हिरण के शिकार के मकसद से करंट के तार बिछाए और पानी में जहर मिलाया होगा। उल्लेखनीय है कि 25 नवंबर को बाघ की मौत जहर की वजह से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रेप कैमरे लगाए

वन अफसर बताते हैं कि पूरे क्षेत्र में ट्रेप कैमरें लगा दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में घटनाएं हुई हैं, उनमें जंगल से निकलने वाले रास्तों पर जांच कराई जा रही है। वहीं वनकर्मियों को बाघ, तेंदुओं की मॉनीटरिंग में लगाया गया है।

एसटीएफ, डॉग स्क्वॉड लगाई तीनों घटनाओं की जांच वन विभाग की एसटीएफ टीम कर रही है। अफसरों का कहना है कि टीम ने चार दिसंबर को करंट लगाकर बाघ को मारने वाले कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं पूरे क्षेत्र में डॉग स्क्वॉड से सर्चिंग कराई जा रही है।

अभी तक नहीं आई पीएम रिपोर्ट

बाघों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई। दक्षिण वन मंडल के कल्याणपुर में मिले मृत बाघ के शिकार मामले में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं घुनघुटी वन परिक्षेत्र के धौरई बीट में घघराड़ के जंगल में मृत मिले बाघ के मामले में तेजी से धर-पकड़ चल रही है, जिन संदेहियों को पकड़ा गया है, उनसे अहम सुराग मिले

हैं और जल्दी ही पूरे मामले का खुलासा करने की बात कही जा रही है।

जांच के आदेश दिए हैं

तीनों घटनाओं की जांच के आदेश दिए गए हैं। शहडोल के सीसीएफ मामलों की विस्तार से जांच करेंगे और सात

दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे – आलोक कुमार, एपीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ मुख्यालय

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