विदेश मंत्री-सीएम के क्षेत्र में हारी भाजपा, महाकौशल में संगठन मंत्री हुए फेल

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भोपाल। नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा भले ही 43 में से 25 सीटों पर जीती हो,लेकिन विदेश मंत्री सहित कई मंत्रियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में हुए सरपंच पद के उपचुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार हार गया। वहीं गौरीशंकर बिसेन, ओमप्रकाश धुर्वे और सूर्यप्रकाश मीणा के जिलों में भी भाजपा को शिकस्त मिली है।

मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र बुधनी के लाड़कुई में हुए ग्राम पंचायत उपचुनाव में पार्टी द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी भाजपा हारी। बालाघाट जिले के बैहर में मंत्री गौरीशंकर बिसेन और सांसद बोध सिंह भगत की लड़ाई पार्टी को ले डूबी। यहां कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। भगत के समर्थक और बागी उम्मीदवार ने यहां भाजपा का काम बिगाड़ दिया। डिंडौरी में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे के विधानसभा क्षेत्र शहपुरा में उनकी पसंद से उम्मीदवार तय किए जाने के बाद भी भाजपा को जीत नहीं मिल सकी।

शमशाबाद में खाली कुर्सी-भरी कुर्सी के चुनाव में कांग्रेस की जीत ने बता दिया कि क्षेत्र में राज्य मंत्री सूर्य प्रकाश मीणा का प्रभाव कम हुआ है। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के प्रभाव वाला भी माना जाता है। हालांकि नंदकुमार सिंह चौहान ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि शमशाबाद में हमने मेहनत नहीं की थी।

महाकौशल में संगठन मंत्री पर भरोसा भारी पड़ा

महाकौशल क्षेत्र में संगठन मंत्री अतुल राय पर भरोसा पार्टी को भारी पड़ गया। अपनी जीवनशैली को लेकर चर्चाओं में रहने वाले अतुल राय बागियों को नहीं मना पाए। उनके क्षेत्र में आने वाले छिंदवाड़ा जिले में 6 में से भाजपा सिर्फ एक सीट पर ही जीत सकी। वहीं मंडला नगर पालिका, निवास नगर परिषद,डिंडौरी के शहपुरा और बालाघाट के बैहर में पार्टी को करारी हार मिली है। राय क्षेत्र में पार्टी नेताओं के बीच गुटबाजी को भी खत्म नहीं कर पाए।

सीएम ने 30 जगह पर गए उनमें से 13 पर हारे

मुख्यमंत्री ने करीब हफ्ते भर तक नगरीय निकायों में धुआंधार चुनाव प्रचार किया था। 43 में से शिवराज 30 स्थानों पर चुनाव प्रचार के लिए गए, इनमें से 13 में भाजपा चुनाव हार गई।

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