सदन में सत्ता पक्ष के विधायक बोले – मनरेगा में करोड़ों का घोटाला, आरोप गलत तो इस्तीफा दे दूंगा

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भोपाल। छिंदवाड़ा जिला पंचायत में मनरेगा में करोड़ों का घोटाला होने के आरोप आज सत्तापक्ष  भाजपा के रमेश दुबे ने विधानसभा में लगाए। उन्होंने कहा कि बड़े अफसर की मिलीभगत से फर्जी काम हो रहे हैं और उन पर कार्यवाही भी नहीं हो रही है। मंत्री गोपाल भार्गव ने गडबड़ी की बात स्वीकारते हुए कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा प्रभारी को आज ही हटा दिया जाएगा और सीईओ पर सीएम से अनुमति लेकर कार्यवाही की जाएगी। प्रश्नकाल में रमेश दुबे ने मनरेगा में हुई अनियमितताओं का मामला उठाते हुए विधायक रमेश दुबे तैश में आ गए, उन्होंने अध्यक्ष की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि वे जो आरोप लगा रहे हैं वे सौ फीसदी सच है यदि एक भी आरोप गलत निकल जाए तो वे विधानसभा से इस्तीफा दे देंगे।
दुबे की धमकी पर मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि इस्तीफे की जरूरत नहीं है। विधानसभा चुनाव में एक तो टिकट ही मुश्किल से मिलता है और उससे भी मुश्किल चुनाव में जीत दर्ज करना होती है। इस पर अजय सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्रीजी विधायक को टिकट न मिलने की धमकी दे रहे हैं।
अध्यक्ष के सुझाव पर बोले वन मंत्री  –  ऐसा कोई आश्वासन नहीं दे सकते जो बाद में पूरा न कर सकें
विधानसभा में आज वन विभाग की जमीन का राजस्व विभाग में ट्रांसफर को लेकर वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि इस मामले में वन्यप्राणी अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन करना पड़ता है इसलिए वे ऐसा कोई आश्वासन नहीं दे सकते जो बाद में पूरा न कर सकें। यह बात उन्होंने अध्यक्ष के इस सुझाव पर कही वे बैतूल के विधायकों से बात कर वन और राजस्व भूमि के विवादित मामलों को सुलझाने के सुझाव पर कही।
प्रश्नकाल के दौरान मंगल सिंह धुर्वे और हेमेन्त खंडेलवाल ने यह मामला उठाया था। उन्होंने पूछा था कि घोड़ाडोगरी ब्लाक में वन विभाग ने अधिक अन्न उपजाओ योजना के तहत जिन जमीनों को राजस्व विभाग को अंतरित किया गया है उन जमीनों का राजपत्र में नवीनीकरण वनविभाग ने नहीं किया है। विधायकों का कहना था कि कई जमीनें वन विभाग और राजस्व विभाग के झमेले में उलझी है जिससे आदिवासी इन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। मंत्री शेजवार ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के तहत काम होता है, इसलिए कुछ मामले पेडिंग रह जाते हैं।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक नायक का आरोप – अफसरों ने बदल दिया प्रश्न
विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने कहा कि उनके द्वारा पवई और शाहनगर जनपद पंचायतों में स्वीकृत कार्यों को लेकर मांगी गई चार साल की जानकारी को अफसरों ने प्रश्न बदलकर दो साल कर दिया है और इसके बाद भी गलत जानकारी दी गई है। नायक ने कहा कि उनके द्वारा वर्ष 2012 से 2016 तक की जानकारी मांगी गई जिसे 2014 से 2016 कर दिया गया। इस मामले में पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने माना है कि कुछ गड़बड़ हुई है और ब्रीफिंग के समय ही उन्होंने संदेह जताया था। विधायक नायक ने कहा कि उन्हें दी गई लिखित जानकारी में बताया गया है कि सीईओ जनपद ने 4 जून 2017 को पत्र लिखकर सरपंचों से वसूली के लिए राजस्व एसडीओ से कार्रवाई का आग्रह किया है। अभी जबकि 4 जून 17 आया ही नहीं है तो ऐसा जवाब कैसे आ गया। इससे अफसरों की गंभीरता का पता चलता है। इसलिए ऐसे अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 2007-08 से सर्व शिक्षा अभियान में पंचायतों को स्कूल भवन निर्माण के लिए दी गई राशि खर्च हो गई पर भवन नहीं बने हैं। सरपंचों का कार्यकाल भी खत्म हो गया है।
इस पर मंत्री भार्गव ने कहा कि इसके लिए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है कि इस अवधि में दी गई राशि के खर्च की जानकारी दें। ऐसे मामलों में अफसरों को कहा गया है कि जिम्मेदारों से वसूली के लिए कुर्की करने और जेल भेजने की कार्रवाई की जाए।

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