समुद्री लुटेरों की कैद से 8 भारतीय छुड़ाए गए, रिहाई के बदले मांगी थी फिरौती

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नई दिल्ली सोमालिया सिक्युरिटी फोर्सेज ने बुधवार को समुद्री लुटेरों के चंगुल से 8 भारतीय क्रू मेंबर्स को छुड़ा लिया। लुटेरों ने हाल ही में ‘अल कौसर’ नाम के भारतीय जहाज को अगवा करने के बाद इन क्रू मेंबर्स को बंधक बना लिया था।
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक सोमालिया के गाल्मुडुग स्टेट की मैरीटाइम फोर्स के डिप्टी कमांडर अब्दीराशिद मोहम्मद अहमद ने बताया, “सभी बंधकों को बिना संघर्ष किए ही छुड़ा लिया गया, सिक्युरिटी फोर्सेज ने समुद्री लुटेरों को घेरा तो उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन उनमें से 3 को पकड़ लिया गया।”
– समुद्री लुटेरों ने 31 मार्च को यमन के पास हिंद महासागर के तट पर अल कौसर जहाज पर हमला बोलकर उसके 10 क्रू मेंबर्स को बंधक बना लिया था। लुटेरों ने इनकी रिहाई के बदले में फिरौती मांगी थी। ये सभी लोग महाराष्ट्र के रहने वाले हैं।

– सोमालिया के सिक्युरिटी फोर्सेज ने सोमवार को भारतीय जहाज को मुक्त कराया था, 2 क्रू मेंबर्स उसी दिन छुड़ा लिए गए थे। फायरिंग के दौरान लुटेरे बाकी 8 बंधकों को लेकर भागने में सफल रहे थे।
– अब्दीराशिद मोहम्मद अहमद के मुताबिक रिहा कराए गए नए क्रू मेंबर्स सुरक्षित और सेहतमंद हैं।

– अल कौसर एक कार्गो शिप था जिस पर गेंहू और चीनी लदी थी। जहाज दुबई से यमन होते हुए सोमालिया के बास्को बंदरगाह पहुंचा था। समुद्री लुटेरों ने पूर्वी अफ्रीकी देश के तट पर एक महीने से भी कम समय में तीसरे जहाज को अगवा किया था।
– दरअसल, 5 साल पहले समुद्री लुटेरों के भय के चलते शिपिंग कंपनियों ने अपने गार्ड्स को जहाजों पर से हटा लेने का फैसला किया था। तब से जहाजों को अगवा करना लुटेरों के लिए आसान हो गया। लुटेरों ने 2005 में जहाजों पर हमला करना शुरू किया था जिसके चलते रेड सी में एक प्रमुख शिपिंग रूट पर दिक्कत आने लगी। लिहाजा जहाजों का आना-जाना भी काफी महंगा हो गया। जनवरी 2011 में समुद्री डकैती की घटनाएं सबसे ज्यादा हुईं। उस वक्त लुटेरों ने 32 नाव को अगवा किया और 736 लोगों को बंधक बनाया था।

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