सालभर पहले दिया था शिवराज कैबिनेट से इस्तीफा, अब बढ़ा रहे है सरकार की मुश्किलें

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मध्यप्रदेश विधानसभा के 17 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में सरकार सिर्फ विपक्ष ही नहीं अपनों के भी निशाने पर होगी. पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक बाबूलाल गौर ने विकास कार्यों समेत मंत्रियों के विधानसभा में दिए आश्वासन पूरे नहीं होने पर सरकार पर सवालों की बौछार कर दी है.

बाबूलाल गौर को सालभर पहले ही 75 वर्ष से ज्यादा आयु के फार्मूले के आधार पर शिवराज मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया था. मंत्री पद से हटने के बाद से ही बाबूलाल गौर अपनी ही पार्टी की सरकार को विधानसभा के अंदर घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे है.

मानसून सत्र में भी बाबूलाल गौर ने सवालों की झड़ी लगा दी है. गौर ने जिन मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछे है उनमें

-राज्य सरकार द्वारा निकाली गई नर्मदा सेवा यात्रा की सार्थकता
-स्मार्ट सिटी के एलान के बाद अब तक हुए कामों
-भोपाल के भानपुर खंती के शिफ्टिंग नहीं होने
-श्योपुर में कुपोषण के मामले में मंत्री का आश्वासन पूरा नहीं होने और
-भोपाल और इंदौर शहर में मेट्रो रेल का बढ़ता इंतजार पर अब तक स्थिति समेत लगभग सभी विभागों से जुड़े सवालों के जवाब सरकार से मांगे हैं.

बाबूलाल गौर का कहना है कि विधायक होने के नाते वो विधानसभा में सवाल पूछने का अधिकार का इस्तेमाल कर रहे है. लेकिन इन सवालों से विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार के मुश्किलें जरुर खड़ी हो सकती है

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