स्मार्ट सिटी अवॉर्ड में देश के 90 शहरों से होगा सागर का मुकाबला

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सागर। स्मार्ट सिटी चयन में देश के पटल पर उभरकर आए हमारे सागर को स्मार्ट सिटी अवॉर्ड प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। इसमें लाइवेबिलिटी स्टैंडर्ड के तहत काम्प्टीशन फेस करना होगा। भारत सरकार ने यह काम्प्टीशन उन शहरों के लिए प्रारंभ किया है, जिनको स्मार्ट सिटी के लिए चुना गया है। योजना को असेसमेंट आफ लाइवेबिलिटी स्टैंडर्ड इन सिटी नाम दिया गया है।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने स्मार्ट सिटी के थर्ड राउंड में चयनित देश के 30 शहरों सहित पहले, दूसरे राउंड में चयनित 60 शहरों के तेजी से विकास और स्मार्ट सिटी विजन को जल्द से जल्द साकार करने के लिए स्वच्छता मिशन और मिशन ओडीएफ की तर्ज पर लाइवेबिलिटी स्टैंडर्ड काम्प्टीशन लांच किया है।

इसमें सागर को भी शामिल किया गया है। प्रतियोगिता के तहत शहरों में आम नागरिक के रहने योग्य स्थितियों यानी रहन-सहन के मानक स्तर को तय किया गया है। जो शहर इसमें पीछे रहेंगे, उनको आगे लाने के लिए तेजी से स्मार्ट सिटी के तहत विकास के काम किए जाएंगे।

एडवायजरी फोरम बनाया जाएगा

केंद्र की योजना के तहत स्मार्ट सिटी में चयनित सभी 90 शहरों के लिए एसपीवी कमेटी के अलावा सिटी लेवल पर स्मार्ट सिटी एडवायजरी कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी के माध्यम से लाइवेबिलिटी स्टैंडर्ड काम्प्टीशन की तैयारियां प्रारंभ की जाएंगी। हर साल इन चयनित शहरों में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराया जाएगा। स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर रैंकिंग दी जाएगी।

ऐसे समझें सरकार का लाइवेबिलिटी स्टैंडर्ड काम्प्टीशन

शहरी विकास मंत्रालय ने 23 जून को स्मार्ट सिटी थर्ड राउंड के शहरों की घोषणा करते हुए कहा था कि लाइवेबिलिटी इंडेक्स का अनावरण किया जाएगा। यह स्मार्ट शहरों की रैंकिंग से शुरू होगा। देशभर के शेष 10 अन्य शहरों को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जो तीसरे राउंड से बाहर रह गए हैं। लाइवेबिलिटी इंडेक्स एक शहर की प्रगति को चार अलग-अलग श्रेणियों में चिन्हित करेगा, जिनमें सामाजिक, संस्थागत, आर्थिक और शारीरिक आधार पर मूल्यांकन होगा। इन चार श्रेणियों को 15 उप श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। यह रेटिंग प्रणाली बेहतर रैंकिंग पाने के लिए शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा करेगी। इससे शहरों के शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार की संभावना है। इसके अलावा कला और संस्कृति जीने योग्य स्मार्ट शहरों के निर्माण में मदद कर सकती है।

स्मार्ट सिटी लाइवेबिलिटी स्टैंडर्ड में क्या होगा

केंद्र द्वारा 15 विभागों के तहत 79 मापदंडों पर भारतीय शहरों की रैंकिंग करेगा। इसमें उनकी शिकायत निवारण प्रणाली, वायु प्रदूषण के स्तर और पानी और बिजली की उपलब्धता, ऑनलाइन नागरिक सेवाएं प्रदान करने, ऐतिहासिक इमारतों का रखरखाव, पर्यटन चौकी में वृद्धि, अपराध दर का स्तर और यातायात निगरानी प्रणाली, शिक्षा की उपस्थिति शामिल है। एक शहर का मूल्यांकन करते समय, 40% का सर्वोधा भार भौतिक आधारभूत ढांचे को दिया जाएगा, उसके बाद प्रशासन 30%, सामाजिक प्रणाली 20% और आर्थिक स्थिति पर 10% मार्किंग होगी।

देश में शहरी सुधार कार्यक्रम में प्रदेश 5वें नंबर पर

23 जून को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में सागर नगर निगम के प्रभारी आयुक्त और इंजीनियर शामिल हुए थे। इसमें केंद्रीय मंत्री नायडू ने देश में शहरी सुधार कार्यक्रम के तहत प्रदेशों को पुरस्कृत किया था। मप्र को देश में बेहतर शहरी सुध्ाार कार्यक्रम के लिए 5वां स्थान मिला है। नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव और आयुक्त विवेक अग्रवाल को इसके लिए पुरस्कृत भी किया गया है। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश पहले नंबर पर, उड़ीसा दूसरे, झारखंड तीसरे, छत्तीसगढ़ चौथे, मप्र पांचवें और तेलंगाना छटवें स्थान पर रहा है।

निगम में किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा

सागर स्मार्ट सिटी में चयनित हो गया। बैंगलुरू का 14 और सागर का 11वां नंबर लगा है। प्रपोजल जितना स्ट्रांग और बेहतर बनाया गया था, निगम उतना ही फिसड्डी साबित हो रहा है। मतलब, अभी तक निगम में एकाध इंजीनियर को छोड़कर किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा है।

प्रोजेक्ट सेल सहित निगम के आला अधिकारी प्रोजेक्ट का बार-बार अध्ययन कर स्मार्ट सिटी का कॉन्सेप्ट समझने का प्रयास कर रहे हैं। जब भी कोई अधिकारी जानकारी मांगता है तो हर बार फाइलें खोलकर बैठ जाते हैं। कुल मिलाकर अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि स्मार्ट सिटी के तहत प्रपोजल में आखिर कहां पर क्या बनाया जाना है।

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