MP में पोषण आहार घोटाला: बीजेपी का कैग की रिपोर्ट पर सवाल, कहा- सनसनी फैलाई गई

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भोपाल.भाजपा ने नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट को लेकर कहा है कि कैग के अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट को पटल पर रखने के साथ ही तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनी फैलाई गई। वहीं, कांग्रेस ने रिपोर्ट में व्यापमं और पोषण आहार घोटाले की पुष्टि होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस्तीफे की मांग की भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा कि कैग रिपोर्ट को लेकर सनसनी फैलाया जाना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा के खिलाफ

कैग की कोई भी आपत्ति अथवा रिपोर्ट अंतिम न होकर उसका परीक्षण या प्रतिप्रश्न करना लोक लेखा समिति का अधिकार होता है और यही संसदीय परंपरा भी है।
– कैग ने अन्य महत्वपूर्ण विभागों और विषयों को छोड़कर व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) का विषय मुख्य पृष्ठ पर प्रस्तुत कर कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर लिए हैं।
– भाजपा की संवेदनशील सरकार के नेतृत्व में पहले से ही व्यापमं के विषय ईओडब्ल्यू की जांच के अधीन है। मध्यप्रदेश सरकार किसी भी जांच एजेंसी का सदैव स्वागत करती आई है एवं संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान करती रही है। तकनीकी शिक्षा विभाग के ऑडिट के बहाने व्यापमं के गैर जरूरी विषयों को निशाना केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए बनाया गया है।
पीएम को लिखेंगे पत्र
इधर, कैग की रिपोर्ट में व्यापमं व पोषण आहार घोटाले की पुष्टि होने पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से इस्तीफे की मांग की है।
सिंह ने कहा कि वे इस संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापमं मामले में एक मंत्री समेत कई लोग जेल जा चुके हैं और कई पर जांच भी चल रही हैं। इस घोटाले में केंद्रीय मंत्री उमा भारती हो या संघ के वरिष्ठ सुरेश सोनी सब जांच के घेरे में है।
टैक्स निर्धारण में गड़बड़ी
– कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा 1072 प्रकरणों में टैक्स का कम निर्धारण किए जाने से सरकार को वर्ष 2015-16 में 290 करोड़ का टैक्स कम मिला। यह कैग की रिपोर्ट में सामने आया।
– इसमें वैट अधिनियम के तहत टर्न ओवर की गणना सही न होने पर सरकार को 31 करोड़ रुपए की चपत लगी। इसके अलावा 24 व्यवसायियों के 27 प्रकरणों में 75 करोड़ के टर्न ओवर टैक्स निर्धारण में गड़बड़ी से पैनाल्टी के 5.70 करोड़ व 11 करोड़ टैक्स कम की वसूली हुई।

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